विराट कोहली को 5 करोड़ देकर बुलाने का दावा करने वाले दिनेश फलाहारी बैकफुट पर, प्रेमानंद महाराज और उनके अनुयायियों से मांगी क्षमा

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वृंदावन के ख्याति प्राप्त संत प्रेमानंद महाराज के खिलाफ विवादित बयान देने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी आखिरकार बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने अपने उस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये देकर बुलाया गया था। इस बयान के सामने आने के बाद से ही संत समाज और देश-विदेश में बैठे प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा था।

​संतों की चेतावनी के बाद झुके दिनेश फलाहारी

​सूत्रों के मुताबिक, इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद मथुरा स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में प्रमुख संतों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में दिनेश फलाहारी के बयान पर गहरी नाराजगी जताई गई और उन्हें स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने अपने बयानों के लिए माफी नहीं मांगी, तो संतों की ओर से उनका सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा। इस सख्त चेतावनी के कुछ ही देर बाद दिनेश फलाहारी ने अपने रुख में नरमी लाते हुए एक वीडियो संदेश के जरिए अपने बयान पर गहरा खेद जताया और माफी मांग ली।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

दिनेश फलाहारी द्वारा माफी मांगे जाने के बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर्स का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

​एक सोशल मीडिया यूजर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “प्रेमानंद महाराज की छवि को बहुत धूमिल किया है इस आदमी ने, इसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” ​दूसरे यूजर ने लिखा, “ऐसे फालतू आरोप लगाने वाले पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कोई दोबारा ऐसी हिम्मत न करे।” ​एक अन्य यूजर ने तो यहां तक सुझाव दिया, “अब माफी मांगने से क्या फायदा? कानूनी सलाह लेकर कड़ा जवाब दिलवाना चाहिए। इस बंदे ने संत जी को बदनाम किया है, बदनामी का बदला तो लेना ही जरूरी है।”

​क्या था पूरा मामला और क्या बोले दिनेश फलाहारी?

बता दें कि हाल ही में दिनेश फलाहारी ने एक पत्र जारी कर संत प्रेमानंद महाराज से बेलवन आश्रम छोड़कर गोवर्धन आने का आग्रह किया था। उस पत्र में उन्होंने आश्रम की सुरक्षा और आंतरिक गुटबाजी को लेकर चिंता जताते हुए यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि आश्रम के ही एक गुट ने क्रिकेटर विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये का भुगतान करके प्रेमानंद महाराज के दरबार में बुलाया था, जिससे उनकी प्रसिद्धि रातों-रात और बढ़ गई। उनके इस दावे के बाद देश भर के भक्तों में उबाल आ गया था।

हालांकि, जब विवाद हद से ज्यादा बढ़ गया और उन्हें चारों तरफ से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, तो दिनेश फलाहारी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है।

उन्होंने दावा किया कि इस बयान के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को खतरा है। उन्होंने प्रेमानंद महाराज को पूरे देश के लिए पूजनीय और ‘राधा नाम का महान साधक’ बताते हुए कहा कि यदि उनके किसी शब्द से महाराज या उनके अनुयायियों को ठेस पहुंची है, तो वह उसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने खुद को भी एक तपस्वी संत बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी को भी आहत करना नहीं था।

Dr. Bhanu Pratap Singh