आगरा: ताजनगरी में बुधवार शाम रमजान का चांद नजर आते ही फिजाओं में इबादत की खुशबू घुल गई। जामा मस्जिद स्थित चांद कमेटी की बैठक के बाद औपचारिक ऐलान किया गया कि गुरुवार, 19 फरवरी को रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा। चांद की तस्दीक होते ही शहर की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में विशेष ‘तरावीह’ की नमाज शुरू हो गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
बाजारों में सहरी और इफ्तार की रौनक:
चांद दिखने की खबर के साथ ही आगरा के बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखी गई। मंटोला, नाई की मंडी और सदर भट्टी जैसे इलाकों में खजूर, सिवइयों, फलों और फेनी की दुकानों पर देर रात तक भीड़ जुटी रही। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ‘रमजान मुबारक’ कहा। घरों में सहरी की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल:
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि यह महीना रहमत और बरकत का है। उन्होंने बताया कि रमजान में इफ्तार की दावतें आपसी भाईचारे को मजबूत करती हैं, जहाँ हर धर्म के लोग एक साथ शामिल होते हैं। वहीं, विशाल शर्मा और अदनान कुरैशी ने कहा कि रमजान और आने वाली होली जैसे त्योहार आगरा की साझी संस्कृति को और सशक्त बनाएंगे।
प्रशासनिक सतर्कता:
जामा मस्जिद के चेयरमैन जाहिद कुरैशी ने बताया कि नमाजियों की सुविधा के लिए मस्जिद परिसर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, जमीयतुल कुरैश ने प्रशासन से अपील की है कि त्योहारों के दौरान अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि शहर में अमन-चैन बना रहे।
- आगरा में जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा: 11 साल पहले बिके 300 गज के प्लॉट की दोबारा रजिस्ट्री, भू-माफिया समेत 5 पर केस - June 21, 2026
- विश्व संवाद केंद्र के मंच से गूंजा संदेश: राष्ट्र सर्वोपरि, पत्रकारिता बने समाज परिवर्तन का माध्यम - June 21, 2026
- आगरा में जाट महासभा की मांगों पर एक्शन: मंत्री बेबी रानी मौर्य ने डीएम को सौंपे पत्र, ऐतिहासिक स्थलों के नामकरण की कवायद तेज - June 21, 2026