व्हाइट लोटस इंटरनेशनल स्कूल में बाल सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार

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सूरत (गुजरात) [भारत], फरवरी 14: व्हाइट लोटस इंटरनेशनल स्कूल द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा, अधिकारों और भावनात्मक कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बाल संरक्षण, बाल जागरूकता एवं बाल मानसिक स्वास्थ्य पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना था, जहाँ बच्चे स्वयं को निडर होकर व्यक्त कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता मांगने में संकोच न करें।

यह सत्र एएसआई वैषालीबेन देवरे, श्रीमती पेनलबेन रडाडिया एवं श्री राहुलभाई द्वारा संचालित किया गया। वक्ताओं ने व्यक्तिगत सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, POCSO जागरूकता, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर, कानूनी सहायता तथा कठिन परिस्थितियों में विश्वसनीय बड़ों से संवाद के महत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल तरीके से समझाया। विद्यार्थियों को असुरक्षित परिस्थितियों को पहचानने और बिना डर के समझदारी से प्रतिक्रिया देने के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को अपनी भावनाएँ साझा करने, तनाव को संभालने और यह समझने के लिए प्रेरित किया गया कि मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि साहस की निशानी है। साथ ही बताया गया कि समय पर सही मार्गदर्शन और जागरूकता कई समस्याओं को रोक सकती है और बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करती है।

सेमिनार अत्यंत इंटरैक्टिव रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रश्न-उत्तर और चर्चा के माध्यम से उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों ने सत्र के दौरान दिए गए व्यावहारिक उदाहरणों की सराहना की, जिससे बच्चों को संवेदनशील विषयों को सरल और उनकी आयु के अनुरूप समझने में सहायता मिली।

विद्यालय ने संसाधन व्यक्तियों के मूल्यवान मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया और सुरक्षित व सहयोगात्मक शिक्षण वातावरण प्रदान करने के अपने संकल्प को दोहराया। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें दैनिक जीवन में जिम्मेदार निर्णय लेने के लिए भी सशक्त बनाते हैं।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि जागरूकता, संवाद और आत्मविश्वास मिलकर सुरक्षित बचपन और मजबूत भविष्य का निर्माण करते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh