आगरा: देवों के देव महादेव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आने वाला यह व्रत शिव भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से शिव पूजन और रुद्राभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
अश्वमेघ यज्ञ के समान मिलता है फल
शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप, शिव स्तोत्र का पाठ और रात्रि जागरण करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत स्त्री, पुरुष, बच्चे और वृद्ध सभी के लिए कल्याणकारी बताया गया है। व्रत के अगले दिन दान-दक्षिणा और भोजन कराने के बाद ही पारण (व्रत खोलना) किया जाना चाहिए।
महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजन समय (Table)
इस दिन चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है, जिसका समय निम्नलिखित है:
प्रथम प्रहर- सायं 6:48 से रात्रि 9:58 तक
द्वितीय प्रहर- रात्रि 9:58 से रात्रि 1:08 तक
तृतीय प्रहर- रात्रि 1:08 से रात्रि 4:18 तक
चतुर्थ प्रहर- रात्रि 4:18 से प्रातः 6:58 बजे तक पहर की गणना अपने स्थानीय सूर्योदय से करना विधि सम्मत है।
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