कानपुर में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की चाह एक परिवार के लिए दहशत भरा अनुभव बन गई. कुछ युवकों ने कथित तौर पर वीडियो कंटेंट बनाने के लिए 10 साल के बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और उससे उसकी मां को फोन कराकर 2 लाख रुपये की फिरौती मांगवाई. बेटे की रोती आवाज सुनकर परिवार सदमे में आ गया और करीब दो घंटे तक डर में जीता रहा. बाद में आरोपियों ने इसे मजाक बताया, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कार्रवाई की.
सब्जी लेने गया था, रास्ते में फंसाया
घटना कानपुर के बर्रा-8 इलाके की है. यहां रहने वाले अमित शुक्ला निजी नौकरी करते हैं. उनका बेटा हर्षल कक्षा-4 का छात्र है. परिजनों के मुताबिक 11 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे हर्षल घर के पास सब्जी लेने निकला था. इसी दौरान दो लड़कों ने उसे बातचीत में उलझाया और केडीएमए स्कूल के पास सुनसान जगह पर ले गए. वहां उसे डराकर मां को फोन करने और 2 लाख रुपये मांगने के लिए कहा गया.
बेटे की सिसकियों से घबराया परिवार
घबराए हर्षल ने मां प्रभाती को फोन कर रोते हुए बताया कि कुछ लड़कों ने उसे पकड़ रखा है और छोड़ने के बदले पैसे मांग रहे हैं. इसके बाद कॉल कट गई. बेटे की हालत सुनकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई. करीब 25 मिनट बाद दूसरे नंबर से कॉल आई, जिसमें 5 हजार रुपये किदवई नगर स्थित यूपी किराना स्कूल के पास लाने को कहा गया.
रात में खुद ही खोला राज
रात करीब पौने 9 बजे आरोपियों ने फिर संपर्क किया और खुद को यूट्यूबर बताते हुए कहा कि वे प्रैंक वीडियो बना रहे थे. इसके कुछ देर बाद करीब 9 बजे हर्षल घर लौट आया. परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन मामले को हल्के में नहीं लिया.
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
अगले दिन 12 फरवरी को प्रभाती ने गुजैनी थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और दो टीमें लगाई गईं. जांच में पता चला कि कॉल आंध्र प्रदेश और कन्नौज के नंबरों से की गई थीं.
स्थानीय कनेक्शन आया सामने
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने अरविंद सिंह, चंदन कुमार, लकी, मोहम्मद शाहिद, अमन कटियार समेत तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर पोस्ट करते थे. उनके अकाउंट पर बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो भी मिले. अमन कटियार पर पहले से चोरी के दो मुकदमे दर्ज हैं.
माफी के बावजूद सख्त कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने दोबारा गलती न करने की बात कही और माफी मांगी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी को जेल भेज दिया. अधिकारियों का कहना है कि प्रैंक के नाम पर डर फैलाना और फिरौती मांगना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी.
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