इंडियन इकोनॉमी को लेकर दुनिया की कई एजेंसिंया कह चुकी हैं कि भारत में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं. अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा है कि भारत की इकोनॉमी बेहतर प्रदर्शन कर रही है, खासकर चुनाव के समय भारत में अनुशासन होना बड़ी बात है.
आज पहले चरण का मतदान हो रहा है. इसी बीच अमेरिका से भारत के लिए अच्छी खबर आई है. दरअसल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चुनावी वर्ष में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है.
आईएमएफ में एशिया व प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन के मुताबिक इस समय भारत की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है, 6.8 प्रतिशत की वृद्धि बहुत अच्छी है. महंगाई कम हो रही है. आईएमएम के मुताबिक देश के चुनाव के समय अनुशासन बनाए रखना बेहद सराहनीय कार्य है. किसी भी देश में चुनाव के साल में ही कई चुनौतियां होती है.
सरकार ने बनाए रखा अनुशासन
आईएमएफ के श्रीनिवासन के मुताबिक इस सरकार ने अनुशासन बनाए रखा है. यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आखिरकार ठोस मैक्रो फंडामेंटल ही वह आधार है जिसके आधार पर देश समृद्ध होते हैं और टिकाऊ वृद्धि करते हैं. इसलिए इसे बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कई वर्षों में कई झटकों को झेला और उससे सफलतापूर्वक पार पाया है. यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभर रही है. आंकड़ों की बात की जाए तो इस वित्त वर्ष 2024-25 निजी उपभोग और सार्वजनिक निवेश के नेतृत्व में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगा रहे हैं. मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो रही है. यह अब पांच प्रतिशत से नीचे है. श्रीनिवासन ने कहा कि भारत, वैश्विक वृद्धि में योगदान देने वाले प्रमुख देशों में से एक है.
6.8 फीसदी आर्थिक वृद्दि का अनुमान
श्रीनिवासन ने उम्मीद जताई है कि इस साल हमें 6.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि की उम्मीद है. यह निजी खपत और बहुत सारे सार्वजनिक निवेश द्वारा मुमकिन होगा. भारत वैश्विक वृद्धि में करीब 17 प्रतिशत का योगदान देगा. इसी कारण हमारा यह मानना है कि यह एक बेहतरीन स्थान है.
– एजेंसी
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