रैली आयोजित करने की दिल्ली पुलिस से मिली सशर्त अनुमति के बाद आज रामलीला मैदान में किसानों का जममावड़ा हुआ है. रैली आयोजित करने के लिए पुलिस ने इस शर्त पर मंजूरी दी थी कि रैली में 5,000 से अधिक लोग नहीं जुटेंगे, आयोजन स्थल तक कोई ट्रक या ट्रॉली नहीं ले जाई जाएगी और न ही मैदान में कोई मार्च किया जा सकेगा.
इसके बाद रामलीला मैदान में आज किसान जुटे हैं और अपनी मांगों के समर्थन में जनसभा कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ‘किसान मज़दूर महांपचायत’ नाम के इस सम्मेलन में किसानों ने खेती से संबंधित केंद्र की बीजेपी सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए सरकार के विरोध में नारे लगाए हैं.
तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में साल 2020-21 में दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के हुए प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (एसकेएम) ने बताया है कि किसान मज़दूर महापंचायत में केंद्र सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ लड़ाई तेज़ करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा.
-एजेंसी
- जनसुनवाई के बाद सीधे स्कूलों पर आगरा डीएम मनीष बंसल का धावा: छात्राओं की क्लास ली, खुद खाना चखा और पढ़ाई-सुरक्षा की परखी जमीनी हकीकत - August 18, 2026
- कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) आगरा इकाई का विस्तार: नरेंद्र तनेजा बने चेयरमैन और कुलदीप सिंह कोहली संयुक्त महासचिव मनोनीत - August 18, 2026
- प्रकृति से प्रेम और पर्यावरण संरक्षण ही श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश: कमला नगर में परमहंस स्वामी गिरिशानंद सरस्वती के मुख से बही श्रीमद्भागवत की अमृतधारा - August 18, 2026