राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बुधवार को 42 दिवसीय महामंडल उत्सव शुरू हुआ। राम मंदिर के ट्रस्टी जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्न तीर्थ की अगुवाई में उत्सव की शुरुआत की गई। जगद्गुरु विश्वेश ने कहा कि उत्सव में दैनिक कलश पूजा शामिल होगी। 48 पूजित कलशों को गर्भगृह में रखा जाएगा।
42 दिनों तक होगा हवन
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने कहा कि भगवान राम की पूजा वैष्णव परंपरा के अनुसार की जाएगी। राजभोग में प्रभु को मिठाइयां अर्पित की जाएगी। उन्होंने बताया, 42 दिनों तक प्रतिदिन हवन किया जाएगा। साथ ही विभिन्न प्रकारों के मंत्रों का जाप किया जाएगा।
वैष्णव परंपरा से की जाएगी पूजा
गोविंद देवगिरी ने कहा कि हम पूजा की नई प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। पूजा वैष्णव परंपरा के अनुसार की जाएगी। इसके साथ ही रामलाल को विभिन्न प्रकार के संगीत सुनाए जाएंगे। यह अनुष्ठान मंडल पूजा होने तक जारी रहेगा। इससे पहले मंगलवार को राम मंदिर को जनता के लिए खोला गया। भक्तों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। बड़ी संख्या में मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजी कानून और व्यवस्था प्रशांत कुमार और स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी की। इसको लेकर सीएम आदित्यनाथ फीडबैक ले रहे हैं।
पहले दिन 5 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन
मंगलवार को राम मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खुले। फेस रिकग्निशन कैमरों के मुताबिक पांच लाख से अधिक भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। आचार्य अरुण दीक्षित ने बताया कि रामलला की नई मूर्ति का नामकरण हो गया है। इन्हें बालराम कहा जाएगा।
एजेंसी
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