Hathras (Uttar Pradesh, India) । कोरोना के कहर के मद्देनजर देश में लॉकडाउन जारी है। इसकी वजह से कामकाज बंद हैं…तो शादियों के मुहुर्त भी इसकी भेंट चढ़ चुके है। भाइयों की शादी में बेंड बाजा बारात के बहनों के सपने भी टूटते दिख रहे हैं। शादियां तो हो रहीं हैं लेकिन उनमें अब पहले जैसी बात नहीं। कोरोना काल में शादियों का भी कलवेर बदला है। धूम-धाम के साथ होने वाली शादियों में अब धमाल मस्ती का माहौल नहीं है। तो वहीं, फूफाजी का रूठना सोशल डिस्टेंसिंग के रूप में नजर आ रहा है। इसके कारण बेहद सादगी से शादी रचाई जा रही है।
प्रशासन की अनुमति
हाथरस जनपद में लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए शादी हुई। जनपद के नाई का नगला में हुई इस शादी में दूल्हा-दुल्हन ने लॉकडाउन के नियमों व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो किया ही साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की सभी नियमों का पालन करें। लॉकडाउन के चलते भीड़-भाड़ वाले सभी आयोजनों पर रोक है, लेकिन नियमों का पालन कराते हुए कुछ आवश्यक आयोजन प्रशासन की अनुमति से हो रहे हैं।
बारात का स्वागत सेनेटाइजर से
हाथरस गेट थाना कोतवाली इलाके में स्थित मोहल्ला विष्णुपुरी निवासी प्रशांत उपाध्याय पुत्र वीरेंद्र उपाध्याय लॉकडाउन के नियमानुसार पांच सदस्यों की बारात लेकर नाई का नगला पहुंचे। यहां पर भी सोशल डिस्टेंसिंग व लॉकडाउन का पूरा ख्याल रखा गया। तभी तो दुल्हन गौरी के पिता शैलेंद्र ने पांच सदस्यों की बारात का स्वागत सेनेटाइजर से हाथ धुलवाकर और मास्ट भेंट करके किया। यहां पर दूल्हा व दुल्हन ने भी मौजूद लोगों को मास्क बांटे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निवेदन सभी से किया। खास बात यह रही की सभी रस्में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निभाई गईं।
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