अयोध्या नगरी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में आयोजित कथित मछली भोज को लेकर सूबे की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। पवित्र सावन के महीने में हुए इस कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है और इस पूरे प्रकरण को सनातन धर्म की परंपराओं तथा लोगों की धार्मिक भावनाओं से जोड़कर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस बढ़ते हुए सियासी विवाद के बाद अब खुद अजय राय ने आगे आकर बीजेपी के सभी आरोपों को सीधे तौर पर चुनौती दी है।
विवादों पर सफाई देते हुए अजय राय ने मछली भोज में शामिल होने और मछली खाने के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष या किसी भी व्यक्ति के पास इस कार्यक्रम में उनके मछली खाने का एक भी फोटोग्राफ या वीडियो सबूत मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। अजय राय ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यदि ऐसी कोई भी तस्वीर या वीडियो सामने आ जाती है, तो वह अपने पद से तुरंत इस्तीफा देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
निषाद समाज के कार्यक्रम में शामिल होने का किया दावा
अपनी सफाई को और मजबूत करते हुए अजय राय ने स्पष्ट किया कि वह अयोध्या किसी पार्टी विशेष या मांसाहारी भोज के लिए नहीं, बल्कि निषाद समाज द्वारा आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि निषाद समुदाय की अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं। इस दौरान उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और निषादराज के ऐतिहासिक प्रसंग का भी विशेष रूप से जिक्र किया।
अजय राय का कहना था कि रामायण काल से ही निषादराज का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, और ऐसे में समाज के लोगों के विशेष आमंत्रण पर उनके कार्यक्रम में शामिल होना किसी भी लिहाज से गलत नहीं है।
बीजेपी के निशाने पर आई कांग्रेस पार्टी
दूसरी ओर, इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने लगातार कांग्रेस पार्टी को घेरते हुए यह सवाल उठाया है कि आखिर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र महीनों में से एक ‘सावन’ के दौरान अयोध्या जैसी पावन नगरी में मछली भोज का आयोजन क्यों किया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया और आरोप लगाया कि एक तरफ कांग्रेस पार्टी जनता के बीच अपनी धार्मिक आस्था का दिखावा करती है, तो वहीं दूसरी तरफ उनके बड़े नेता ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
वहीं, कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट रूप से यह कहना है कि भारतीय जनता पार्टी इस पूरे मामले को बेवजह राजनीतिक रंग देने और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। अजय राय की तरफ से दिए गए इस्तीफे की खुली चुनौती वाले बयान के बाद अब यह पूरा विवाद महज़ जुबानी आरोपों-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर पुख्ता सबूत पेश करने की चुनौती तक पहुंच गया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी गर्मी और अधिक बढ़ने के आसार हैं।
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