लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब प्रदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) कराएगी। सड़कों, पुलों, सीवर, जलापूर्ति और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता से जुड़े कामों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों को सौंपी गई है। वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग मंडलों के लिए IITs को प्रोजेक्ट्स की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके तहत IIT कानपुर को कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन मंडल के जिलों में चल रहे 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता जांच का जिम्मा मिला है। वहीं IIT BHU वाराणसी को बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों में परियोजनाओं की जांच करनी होगी। जबकि IIT रुड़की को सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ मंडल के प्रोजेक्ट्स की थर्ड पार्टी ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है।
आईआईटीज ऐसे करेंगी ऑडिट
योजना विभाग की पहल पर शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा मानकों की निगरानी करना है। थर्ड पार्टी ऑडिट में किसी बाहरी और स्वतंत्र एजेंसी द्वारा परियोजना की डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री और तय मानकों के पालन की जांच की जाती है।
इससे परियोजनाओं की निगरानी में पारदर्शिता आती है और किसी भी तरह के हितों के टकराव की संभावना कम होती है।
अधिकारियों के मुताबिक IITs की टीम प्रोजेक्ट शुरू होने से लेकर उसके पूरा होने तक अलग-अलग चरणों में निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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