आगरा में हाईटेंशन तार चोरी का सनसनीखेज खुलासा: कबाड़ कारोबारी निकला मास्टरमाइंड, राजस्थान में गलाया गया था 2760 किलो तार; तीन गिरफ्तार

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​आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ थाना क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन से हजारों मीटर एल्युमिनियम तार चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लगभग 1700 मीटर तार चोरी की इस बड़ी वारदात में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस खुलासे की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरी चोरी का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि एक कबाड़ कारोबारी निकला, जिसने राजस्थान की अपनी फर्म में चोरी के माल को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अत्याधुनिक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

​राजस्थान के कोटपूतली में खपाया गया था माल

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने ग्राम भिलावली-खानपुर के पास रात के सन्नाटे में हाईटेंशन लाइन काटकर लगभग 1700 मीटर तार चोरी किया था। चोरी किए गए इस एल्युमिनियम तार का कुल वजन करीब 2760 किलो था। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश इस भारी-भरकम माल को उठाकर सीधे राजस्थान के कोटपूतली ले गए, जहां हुकम चंद की कबाड़ फर्म में इसे गलाकर इसका स्वरूप बदल दिया गया, ताकि पुलिस या किसी अन्य को शक न हो। पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस चोरी के माल को बाजार में खपाने से आरोपियों को करीब 8 लाख रुपये मिले थे।

​पुलिस ने बरामद किए ये सामान

सफलतापूर्वक की गई इस कार्रवाई के दौरान खेरागढ़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त महिंद्रा मैक्स पिकअप वाहन, चोरी का तार बेचने से मिले 2.80 लाख रुपये नकद, करीब 55 किलो बचा हुआ एल्युमिनियम तार, एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और तार काटने में इस्तेमाल होने वाले भारी औजार बरामद किए हैं।

​300 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस पहुंची शातिर चोरों तक

डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 7 सितंबर की रात भिलावली-खानपुर के पास से हाईटेंशन तार चोरी होने की सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर राजस्थान के अलवर और कोटपूतली तक के रूट पर लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की। इसके साथ ही तकनीकी सर्विलांस की मदद ली गई, जिसके बाद पुलिस को आरोपियों का सुराग मिला।

भिलावली मोड़ से हुई गिरफ्तारी

17 सितंबर को मुखबिर से सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने भिलावली मोड़ के पास बरुहरा जाने वाली सड़क पर घेराबंदी की और तीन आरोपियों— हुकम चंद उर्फ गोलू, संदीप और सचिन को धर दबोचा। मुख्य आरोपी हुकम चंद उर्फ गोलू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसकी कोटपूतली में ‘बालाजी एंटरप्राइजेज’ नाम से कबाड़ की फर्म है। उसके दो अन्य साथी संदीप और सचिन भी छोटे स्तर पर कबाड़ का काम करते थे और फेरी लगाकर उसके लिए कबाड़ लाते थे। इसी जान-पहचान और कारोबार की आड़ में इन लोगों ने हाईटेंशन तार चोरी करने की योजना बनाई थी।

​बचने के लिए अपनाते थे शातिर तरीका

पूछताछ में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए पिकअप गाड़ी में तार का एक बंडल जानबूझकर अलग से रखा था। उनकी योजना थी कि यदि रास्ते में पुलिस उन्हें रोकेगी, तो वे खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर पुलिस को गुमराह कर लेंगे।

फिलहाल, इस मामले में तीन अन्य आरोपी— नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन अभी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh