गोंडा। कैसरगंज लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि न्यायालय उन्हें किसी मामले में सजा सुनाती है और जेल भेजती है, तो वे अपनी जमानत के लिए अर्जी नहीं देंगे। अपने पैतृक आवास विश्नोहरपुर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि वे देशहित और जनहित के मुद्दों के लिए सलाखों के पीछे जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे, जिससे समाज में मिलावट और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी जागरूकता फैलेगी।
मिलावटी खाद्य पदार्थों पर गहरी चिंता
पूर्व सांसद ने देश में धड़ल्ले से बिक रही नकली मिठाइयों, मावा, खोया, दही और खाद्य तेलों की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे खान-पान की चीजों को लेकर सतर्क रहें। इस दौरान उन्होंने योग गुरु बाबा रामदेव के ब्रांड ‘पतंजलि’ के उत्पादों, विशेष तौर पर शुद्ध देशी घी की गुणवत्ता पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके घी का उत्पादन बेहद सीमित है, जबकि बाजार में भारी मात्रा में उत्पाद उपलब्ध हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कंपनी की घी की कीमत पहले दो हजार रुपये थी, जिसे अब तीन हजार रुपये से अधिक करने की योजना बनाई जा रही है।
मानहानि का मामला और कानूनी लड़ाई
गौरतलब है कि पतंजलि की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के बयानों को लेकर उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चल रही है। इससे पहले 15 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान बृजभूषण के अधिवक्ता की ओर से न्यायालय से कुछ और समय की मांग की गई थी, जिसके बाद आगे की सुनवाई प्रक्रिया चल रही है। यह पूरा कानूनी विवाद पूर्व सांसद द्वारा पतंजलि के घी को सार्वजनिक रूप से ‘नकली’ करार दिए जाने के बाद उपजा है।
दोनों के बीच पुराना और गहराता विवाद
बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच तकरार कोई नई नहीं है। इससे पहले बीते वर्ष भी उन्होंने पतंजलि के घी की शुद्धता पर सवाल उठाए थे और जनता से आह्वान किया था कि वे पैकेटबंद उत्पादों के बजाय अपने घरों में गाय या भैंस पालें। इसके अलावा, वर्ष 2025 में पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मानकों पर खरा न उतरने के कारण पतंजलि के उत्पाद पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बृजभूषण ने तंज कसते हुए कहा कि विदेशों से कचरा मंगाकर उसे भारत में रिफाइन करके देशी घी के नाम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कई उत्पाद बंद हो चुके हैं।
पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि उनके ये बयान किसी सस्ती लोकप्रियता या चर्चा में बने रहने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और राजनीति से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने दोहराया कि यदि इस सच को कहने की एवज में उन्हें जेल जाना भी पड़े, तो वे सहर्ष तैयार हैं ताकि आम लोग मिलावटखोरों के खिलाफ एकजुट हो सकें।
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