Agra, Uttar Pradesh, India. krishna college of science and rural technology को आम बोलचाल की भाषा में कृष्णा पीजी कॉलेज (Krishna PG college) कहा जाता है। आगरा में फतेहाबाद रोड पर बमरौली कटारा पर है। आपको कभी समय मिले तो कृष्णा कॉलेज का परिसर अवश्य देखिए । हरियाली से आच्छादित है। इतना अधिक कि कॉलेज भवन स्पष्ट तौर पर नहीं दिखाई देता है। यहां ऐसे पाठ्यक्रम हैं, जो निजी कॉलेजों में संभव नहीं हैं। यहां जिम भी चलता है। शुल्क सरकारी कॉलेज की तरह है। इस कॉलेज को निर्माण विश्वविद्यालय के बतौर किया गया था, लेकिन भूमि एक साथ न होने के कारण मामला लटक गया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके गौतम (Dr AK Gautam) ने बताया- किसी अन्य कॉलेज में जाइए तो छात्रगण इधर-उधर भ्रमण करते मिलते हैं, लेकिन हमारे यहां छात्र या तो कक्षा में रहते हैं या लैब में या पुस्तकालय में या फिर खेल मैदान पर। इस अनुशासन का परिणाम है कि हमारे छात्र हर क्षेत्र में अव्वल हैं। देश के कई राज्यों से छात्र यहां पढ़ने आते हैं। लड़कियां अधिक हैं क्योंकि उन्हें यहां सुरक्षित वातावरण मिलता है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) का यह पहला निजी कॉलेज है। ऐसे पाठ्यक्रम हैं, जो आसपास 80 किलोमीटर तक नहीं हैं। डॉ. गौतम ने बताया- निजी कॉलेज में सरकारी कॉलेज की तरह शुल्क है। हमारा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षित करना है, उनका कौशल विकास करना है, उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है। यही कारण है कि कैम्पस से नौकरी मिलती है। 7000 विद्यार्थी सीधे-सीधे रोजगार पा चुके हैं। हमारे विद्यार्थी विभिन्न खेलों में भी अव्वल हैं। सांसद खेल स्पर्धा में भी प्रतिभाग किया है।
प्राचार्य ने कॉलेज परिसर में लगे वृक्षों, खेल मैदान, ऑडीटोरियम को दिखाया। अधिकांशतः फलदार पेड़ हैं। आम के एक पेड़ पर साल भर फल आते हैं। बारिश का एक बूंद भी पानी बर्बाद नहीं होता है। पेड़ों में जाता है। इसके लिए हरियाली आच्छादित क्षेत्र को नीचा बनाया गया है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग का यह अनुपम उदाहरण है।
पूरी बात जानने के लिए आप यह वीडियो देखें-
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