उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब सूबे की बेहद चर्चित और तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके प्रशासनिक सेवा छोड़ने की खबर सामने आते ही इस पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी और प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। उनके इस अचानक इस्तीफे को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी कथित मुलाकात और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर कई प्रकार के बड़े दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के साथ हुई खास बातचीत में दिव्या मित्तल ने भविष्य में राजनीति में आने की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए फिलहाल इससे साफ इनकार किया है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रशांत उमराव के गंभीर दावे
सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि आईएएस अधिकारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद अपना इस्तीफा दिया है, और इसके पीछे मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में विपक्ष का एजेंडा आगे बढ़ाना है। प्रशांत उमराव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक आईएएस अधिकारी का अत्यधिक पीआर (पब्लिसिटी) कराया जा रहा है, लेकिन यह छिपाया जा रहा है कि यह कदम राहुल गांधी से गुप्त मुलाकात के बाद उठाया गया है।
बीजेपी प्रवक्ता ने निशाना साधते हुए यह भी कहा कि उन्हें हमेशा से राजा की तरह रहने की इच्छा थी, जिसके चलते उन्हें केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव का पद रास नहीं आया, क्योंकि डीएम के पद के बाद उन्हें सीधा कमिश्नर बनना था। उन्होंने आरोप लगाया कि आत्ममुग्धता और पीआर की ललक इतनी अधिक थी कि केंद्र की ‘हर घर जल’ जैसी महत्वपूर्ण योजना को अपना व्यक्तिगत प्रयास बताकर उसका उद्घाटन कर दिया जाता था और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक को आमंत्रित नहीं किया जाता था।
प्रशांत उमराव ने सवाल उठाया कि आखिर क्या वजह थी कि वह जिन-जिन जिलों में तैनात रहीं, वहां के किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ उनके संबंध मधुर नहीं रहे और हर जगह उनका रवैया राजाओं जैसा रहा? उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दो-तीन बार चुने गए सभी जनप्रतिनिधि खराब नहीं हो सकते। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके पति एक निजी नौकरी करते थे, लेकिन उनके राजा बनने के बाद कथित तौर पर दलाली के धंधे में उतर आए और करोड़ों रुपये जुटाए, जिसका एक हिस्सा उनके पीआर मैनेजमेंट पर खर्च होता था। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश के सैकड़ों आईएएस अधिकारियों में से केवल उन्हीं का नाम चर्चा में बना रहता था।
एआई चैटबॉट Grok का जवाब
इस पूरे विवाद के बीच, जब सोशल मीडिया यूजर ने इसी दावे के संबंध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ‘Grok’ से पड़ताल की, तो उसने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के साथ मुलाकात या उत्तर प्रदेश चुनाव का एजेंडा फैलाने संबंधी ये दावे सार्वजनिक रूप से प्रामाणिक या पुष्ट नहीं हैं।
समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भाजपा शासनकाल में हो रहे अपराधों और भ्रष्टाचार से तंग आकर ईमानदार अधिकारी नौकरियां छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। एक वरिष्ठ और निष्पक्ष आईएएस अधिकारी का इस सेवा से इस्तीफा देना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उन पर भारी दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें भ्रष्टाचार के लिए मजबूर किया जा रहा था। पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग खुद भ्रष्टाचार कर रहे हैं और बदनाम ईमानदार अधिकारियों को किया जा रहा है।
वहीं, उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी और देवरिया, मिर्जापुर व संत कबीरनगर जैसे जिलों में जिलाधिकारी (DM) रह चुकीं दिव्या मित्तल के इस कदम पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। पूर्व सीएम ने कहा कि मौजूदा सरकार में ईमानदार अधिकारियों के लिए काम करना बेहद कठिन हो गया है, क्योंकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ चुका है कि निष्पक्ष लोग खुलकर काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इतना अधिक मानसिक दबाव बनाया जा रहा है कि मजबूर होकर ईमानदार अधिकारियों को अपने पदों से इस्तीफे देने पड़ रहे हैं।
- यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से लेकर PAC और EOW तक बदले गए अफसर - September 22, 2026
- बीजेपी सांसद कंगना रनौत के मामले की सुनवाई अब 7 अक्टूबर को: रिवीजन याचिका के निस्तारण तक बहस टालने के लिए वादी ने दिया प्रार्थना पत्र - September 22, 2026
- बाबा दुर्बलनाथ की जय-जयकार से गूंजा आगरा: संत शिरोमणि के 165वें जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब - September 22, 2026