वो क्या करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी, लालच ने मार दिया है जिनकी आंख का पानी: अखिलेश यादव

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लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। मामले में आठ गिरफ्तारियां होने के बावजूद, विपक्षी दलों द्वारा ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बचाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक नया और बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में उनकी सरकार बनने पर वे अयोध्या को एक ऐसी धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जो सनातन मान, आस्था और सच्ची श्रद्धा का केंद्र बनेगी।

​अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए लिखा, “प्रभु के आशीर्वाद से हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था, श्रद्धा और अखंड विश्वास के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित करेंगे। इस कार्य से हम अयोध्या के निवासियों के परंपरागत गौरव और उनके अधिकारों को भी पुन: स्थापित करने का काम करेंगे।”

उन्होंने आगे संकल्प लिया कि उनकी भावी सरकार अयोध्या को एक ऐसी अनुपम और अनुकरणीय धार्मिक नगरी बनाएगी, जहाँ दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को सच्ची आध्यात्मिकता की अनुभूति हो।

​सपा प्रमुख का यह बयान उनके पिछले हमलों का ही विस्तार है। वे लगातार इस मामले पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने इससे पूर्व भी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर जोरदार पलटवार किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, “वो क्या करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी, जिनके आंखों का पानी लालच ने मार दिया है।”

अखिलेश ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया और कहा, “गणित की पढ़ाई का क्या फायदा, जब गिनती में ही हेराफेरी हो जाए? सोने-चांदी में घटतौली और जेवरातों की चोरी ने उनके भ्रष्टाचार का घोर अंधकार उजागर कर दिया है।”

उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि लोगों ने उनकी बातों पर भरोसा करके बड़ी गलती की है। अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के अंत में तंज भरे अंदाज में सवाल किया, “पता नहीं लोग यह क्यों पूछ रहे हैं कि अयोध्या से गोरखपुर कितनी दूर है?”

Dr. Bhanu Pratap Singh