नरपिशाचों ने मासूम छात्रा को बनाया ‘हवस का व्यापार’: बिहार से उत्तराखंड और फिर यूपी में सौदेबाजी, 6 महीने बाद चंगुल से भागकर बचाई जान

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पटना/बगहा: बिहार के बगहा से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। कक्षा 6 की एक मासूम छात्रा को न केवल अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसे एक सामान की तरह कई बार खरीदा और बेचा गया। 6 महीने तक नरक झेलने के बाद, यह मासूम अपनी सूझबूझ से गोरखपुर में दरिंदों के चंगुल से भाग निकलने में सफल रही।

साजिश के तहत अपहरण और उत्तराखंड में सौदा

घटना 25 जुलाई 2025 की है, जब भैरोगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा कोचिंग के लिए निकली थी। गांव के ही एक बुजुर्ग ने नशीली चाय पिलाकर उसे बेहोश किया और उसे उत्तराखंड के हल्द्वानी पहुंचा दिया। वहां गांव का ही दबंग असलम खां पहले से मौजूद था। मासूम को कई दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर लाठियों से पीटा गया।

हवस का व्यापार: दरिंदों ने गोरखपुर में बेचा

हल्द्वानी में हैवानियत करने के बाद अपराधियों ने मासूम को गोरखपुर के एक गैंग को बेच दिया। पिछले डेढ़ महीने से उसे गोला थाना क्षेत्र में बंधक बनाकर रखा गया था। इस दौरान उसके साथ अनगिनत बार दुष्कर्म हुआ। जब अपराधियों को लगा कि पुलिस उन्हें ढूंढ रही है, तो वे उसे फिर से कहीं और बेचने की योजना बनाने लगे।

जांबाजी से बचाई जान: लेडी डॉक्टर ने की मदद

मौका पाकर छात्रा दरिंदों की कैद से भाग निकली और एक निजी क्लिनिक जा पहुंची। वहां मौजूद एक महिला डॉक्टर ने छात्रा की हालत देख तुरंत पुलिस को सूचित किया। गोरखपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रा को सुरक्षा दी और उसके परिजनों को सूचित किया।

दिव्यांग मां और मजदूर पिता से मिल फूट-फूट कर रोई बेटी

सूचना मिलने पर परिजन जब गोरखपुर पहुंचे, तो अपनी दिव्यांग मां को देख मासूम घंटों तक बिलखती रही। बगहा SDPO देवेंद्र कुमार ने बताया कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है और फिलहाल उसे मेडिकल केयर और काउंसलिंग के लिए भेजा गया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh