उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले लोगों में ‘अविश्वास’ का भाव था। अलगाववाद, उग्रवाद और आतंकवाद सिर चढ़कर बोल रहा था। लेकिन मोदी के सत्ता में आने के बाद ‘सबका साथ सबके विकास’ के मंत्र पर काम हुआ। योगी बीजेपी मुख्यालय में नरेंद्र मोदी सरकार के आठ साल पूरे होने पर बुधवार को मीडिया से बात कर रहे थे।
योगी ने कहा, ‘साल 2014 के बाद स्थिति बदल गई जब मोदी सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे के साथ सत्ता में आई। इससे पहले सरकार के खिलाफ लोगों में अविश्वास का भाव था। अलगाववाद, उग्रवाद और आतंकवाद सिर चढ़कर बोल रहा था। अराजकता चरम पर थी। भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया था।’
सबका साथ सबका विकास का मंत्र
उन्होंने कहा कि मई 2014 में जब मोदी सत्ता में आए तो ग्रामीणों, गरीबों, महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों के लिए बिना किसी भेदभाव के उनके जीवन को बदलने वाली योजनाएं शुरू की गईं। ‘सबका साथ सबका विकास’ इस मंत्र के अनुरूप केंद्र सरकार ने देश में बिना भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं व समाज के प्रत्येक तबके के हितों के लिए जो कार्य किए, आज वह देश के 135 करोड़ जनमानस के जीवन में व्यापक परिवर्तन का कारक बने हैं।
गरीबी हटाओ के नारे थे लेकिन असर नहीं था
योगी बोले, ‘गरीबी हटाओ के नारे दशकों से देश में लग तो रहे थे लेकिन गरीबी उन्मूलन के लिए कोई ठोस प्रयास इन 35-40 वर्षों में कहीं भी होते हुए दिखाई नहीं दे रहे थे लेकिन 2014 के बाद गरीब कल्याणकारी योजनाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट्स, किसानों के उन्नयन के लिए उनकी इनकम को दोगुना करने के लिए की गई कोशिशें और युवाओं के रोजगार व उन्हें स्वावलम्बन की ओर अग्रसर करने वाले कार्यक्रमों ने देश की तस्वीर को बदला है।’
स्मार्टफोन से बदला जीवन
आम कामकाज में तकनीकी और डिजिटल लेनेदेन पर मोदी सरकार की वरीयता पर योगी ने कहा, ‘स्मार्टफोन व्यक्ति के लिए कोई विलासिता पूर्ण वस्तु नहीं, बल्कि उसके जीवन में परिवर्तन का कारक बन सकता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के तहत योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
-एजेंसियां
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