लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के आगाज से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक कदम की घोषणा की। सीएम योगी ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में उत्तर प्रदेश का इकोनॉमिक सर्वे (आर्थिक सर्वेक्षण) पेश किया जाएगा। यह राज्य के इतिहास में पहली बार हो रहा है, जब सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा सदन के पटल पर रखेगी।
पिछड़ेपन से कामयाबी तक का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘पिछड़े राज्य’ की श्रेणी से बाहर निकालकर भारतीय अर्थव्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश के हर जनप्रतिनिधि और नागरिक को यह जानने का हक है कि यूपी ने आर्थिक तरक्की का यह सफर कैसे तय किया। यह इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट बजट चर्चा के दौरान सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।
विपक्ष को नसीहत: चर्चा करें, रुकावट न डालें
सदन में विपक्ष के हंगामे की संभावनाओं पर सीएम योगी ने दो-टूक कहा कि लोकतंत्र में विधानमंडल संवाद का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र चर्चा और संवाद से चलता है, कार्यवाही में रुकावट डालने से नहीं। यदि कोई सदस्य जनता का मुद्दा उठाना चाहता है, तो शोर-शराबा करना असल में उस मुद्दे को कमजोर करना है।” उन्होंने सभी सदस्यों से सकारात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की।
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