हिम्मत है तो राजकुमार चाहर और चौ. उदयभान सिंह निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएं
प्रत्याशी बदला तो नाम वापस, चुनाव जीतने के बाद रामेश्वर भाजपा में शामिल होगा
भाजपा ने मेरे पिता चौधरी बाबूलाल का तोप की तरह इस्तेमाल कियाः रामेश्वर सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. लोकसभा चुनाव 2024 के रण में फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र का चुनाव रोचक होने जा रहा है। फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर हैं। उनके खिलाफ फतेहपुर सीकरी विधासभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और इसी लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल ने राजकुमार चाहर के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। उनके पुत्र डॉ. रामेश्वर सिंह ने सोमवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भर दिया। फतेहपुरसीकरी सीट से सपा-कांग्रेस से कांग्रेस से रामनाथ सिकरवार और बसपा से पंडित रामनिवास शर्मा प्रत्याशी हैं।
पर्चा भरने से पूर्व जीआईसी मैदान में सभा हुई। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए चौधरी बाबूलाल बोले- “पार्टी से अनुरोध है कि वह प्रत्याशी बदल दें। अगर पार्टी प्रत्याशी बदल देती है तो वह पंचायत के पैर छूकर रामेश्वर को बैठा लेंगे। यह भी कहा कि रामेश्वर चुनाव में जीतने के बाद भाजपा में शामिल होगा। पार्टी से उनका कोई विरोध नहीं है। सांसद का क्षेत्र में विरोध है। इसलिए वह प्रत्याशी बदलने को कह रहे हैं। पार्टी किसी को भी टिकट दे दे, वह उसका पूरा समर्थन करेंगे।”
चौधरी बाबूलाल ने दावा किया कि सांसद राजकुमार चाहर और उदयभान सिंह उनके द्वारा कराए गए कार्यों का श्रेय ले रहे हैं। उनमें हिम्मत है तो निर्दलीय चुनाव जीतकर दिखाएं।
रामेश्वर सिंह ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छह मार्च को किरावली में हुई सभा में जनता द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्याशी बदलने की मांग उन्होंने की थी। क्षेत्र में भाजपा का विरोध नहीं, प्रत्याशी का विरोध है। पंचायत की खड़ाऊं सिर पर रखकर और पगड़ी चरणों में रखकर एक एक वोट झोली पसारकर मांगने का काम कर रहा हूँ।
स्थानीय सांसद को जनता ने पांच लाख वोट से जिताने का काम किया, लेकिन वो क्षेत्र में नहीं आए। पांच लाख वोट से जीतने के बाद उनमें झुकाव नहीं आया, वह तन गए। जनता के दु:ख-दर्द में शामिल नहीं हुए। मंच के माध्यम से पूछना चाहता हूं कि तीन हजार का टेंडर हुआ, लेकिन वह चार हजार करोड़ की पेयजल योजना लाने की बात सांसद कहते हैं। पीएम हर घर जल योजना पूरे देश में लागू है। सासंद की कर्तव्यहीनता की वजह से केवल पाइपलाइन डली है। सड़कें खोदकर रख दी हैं।
परिवारवाद को लेकर लगे आरोपों पर कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशों पर परिवार के सदस्य चुनाव लड़े। सपा के खिलाफ जब प्रत्याशी नहीं मिल रहे थे तब उनके पिता चौधरी बाबूलाल का तोप की तरह इस्तेमाल किया। रामेश्वर चौधरी ने कहा कि भाजपा अगर प्रत्याशी बदलती है तो वह नाम वापस ले लेंगे। अंत मे उन्होंने अपनी पगड़ी चुनाव जिताने का निवेदन करते हुए उतारकर मंच पर रख दी। लोग नारा लगा रहे थे- भाजपा से बैर नहीं, राजकुमार तेरी खैर नहीं।
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