​डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ चुनाव: 5 पदों पर 17 प्रत्याशी मैदान में, अध्यक्ष पद के लिए अनिल श्रीवास्तव और अखिलेश चौधरी में सीधी टक्कर

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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के बहुप्रतीक्षित चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो गई है। पांच पदों के लिए कुल 17 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया है। इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा अध्यक्ष पद को लेकर है, जहाँ अनिल श्रीवास्तव और अखिलेश चौधरी के बीच कांटे की टक्कर होने की प्रबल संभावना है।

अध्यक्ष पद पर दिग्गजों का मुकाबला

इस बार का चुनाव इसलिए भी बेहद रोचक माना जा रहा है क्योंकि अनिल श्रीवास्तव को कई कर्मचारी नेताओं और एससी-एसटी एसोसिएशन का खुला समर्थन मिला है। एससी-एसटी एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. आनंद टाइटलर की टीम द्वारा समर्थन देने के बाद अनिल श्रीवास्तव का खेमा काफी उत्साहित है। वहीं, दूसरी ओर अखिलेश चौधरी अपनी पुरानी पकड़ और अनुभव के दम पर डटे हुए हैं। पूर्व महामंत्री अरविंद गुप्ता द्वारा चुनाव न लड़कर अनिल श्रीवास्तव को समर्थन देने ने अध्यक्ष पद की लड़ाई को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।

​अन्य पदों पर भी जोरदार दावेदारी

चुनाव अधिकारी प्रोफेसर बृजेश रावत के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पदों के अनुसार प्रमुख दावेदार इस प्रकार हैं:

उपाध्यक्ष पद: आशु सिंह और कुलदीप यादव के बीच सीधा मुकाबला। आशु सिंह के पास पूर्व जीत का अनुभव है, जबकि कुलदीप यादव रणनीतिक दाव-पेंच में माहिर माने जाते हैं।

​महामंत्री पद: सुमित चौधरी, संजय सिंह चौहान, सुनील श्रीवास्तव और निखिल शर्मा मैदान में हैं। सुमित चौधरी को संविदा और स्थायी कर्मचारियों का समर्थन मिल रहा है, जबकि संजय चौहान अपने पुराने अनुभव और निखिल शर्मा युवा चेहरे के रूप में कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।

कोषाध्यक्ष पद: निशांत पचौरी, पवन कुशवाहा, इशांत शर्मा, अशोक कुमार और कालीचरण यादव के बीच कड़ा संघर्ष है।

​संयुक्त सचिव पद: सतीश कुमार मौर्य, राहुल चाहर, प्रभा शंकर गौड़ और राहुल पचौरी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

चुनावी माहौल और कार्यक्रम

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा चुनाव तिथि के ऐलान के बाद से ही परिसर में चुनावी हलचल बढ़ गई है। इस बार संविदा कर्मचारियों को भी वोटिंग का अधिकार मिलने से मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, जिसका असर परिणामों पर पड़ सकता है। नामांकन पूरा होते ही प्रत्याशियों ने कर्मचारियों को अपने पक्ष में करने के लिए दावतों का दौर शुरू कर दिया है।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 29 जून को नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया होगी। इसके बाद 30 जून को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। अंततः 15 जुलाई को मतदान होगा, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की कमान किसके हाथों में होगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh