उद्योगपति मुकेश अंबानी व उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। दरअसल, हाईकोर्ट ने केंद्र से रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार को मुंबई में सुरक्षा मुहैया कराने के आधार पर खतरे की आशंका का ब्योरा मांगा गया था। इसके खिलाफ केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
दरअसल, हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र को अंबानी, उनकी पत्नी और बच्चों को खतरे की आशंका व आकलन के संबंध में गृह मंत्रालय के पास रखी वह मूल फाइल पेश करने का निर्देश दिया था, जिसके आधार पर उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई थी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी परदीवाला की अवकाशकालीन पीठ को बताया कि हाईकोर्ट को जनहित याचिका पर सुनवाई करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार की सिफारिश पर केंद्र द्वारा अंबानी परिवार को सुरक्षा मुहैया कराए जाने से त्रिपुरा सरकार का कोई लेना देना नहीं है। त्रिपुरा हाईकोर्ट ने विकास साहा नामक व्यक्ति द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर 31 मई और 21 जून को दो अंतरिम आदेश पारित किए थे।
-एजेंसियां
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