Hathras, Uttar Pradesh, India. कोरोना वायरस यानि कोविड-19 को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के विचार हो सकते हैं। कोरोना के बारे में डर और चिंता भी हो सकती है। यह बच्चों में नकारात्मक भावनाओं का कारण भी बन सकती है। इस तनाव के साथ मुकाबला करने के लिए दृढ़ इच्छा और सबका साथ जरुरी है। इससे डरने और घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि जो आंकड़े आ रहें हैं वह बताते हैं कि हर रोज कोरोना से पाजिटिव होने वालों से ज्यादा संख्या उसे हराने वालों यानि स्वस्थ होने वालों की है।
एसीएमओ डॉ मधुर कुमार का कहना है कि हमें कोरोना से डरना नहीं है। उन्होंने कहा कि शराब, तंबाकू, या अन्य नशीले पदार्थों का उपयोग तनाव का कारण बन सकता है। इसलिए इनका सेवन न करें।
क्लीनिकल मनोचिकित्सक, रिंकी लकड़ा का कहना है कि मन में मजबूत विश्वास रखिये, हमें कोरोना को हर हाल में हराना है और भगाना है। यदि हम हर समय अपने मन में हार और नकारात्मक विचारों को जगह देंगे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। इस समय हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत है अपने आसपास एक चिंता रहित वातावरण बनाने की और मानसिक तौर पर खुश एवं स्वस्थ रहने की।
यदि कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में है तो ऐसे लोगों से सुरक्षित दूरी रखते हुए सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करना चाहिए। इतना ही नहीं पीड़ित को यदि बाजार से कुछ सामान आदि की जरूरत तो वह भी लाकर देना चाहिए ताकि पीड़ित आइसोलेशन में रह सके। हमें उस व्यक्ति का मनोबल बढ़ाना है। शांतिपूर्वक ध्यान लगाएं। खुद को नई चीजों से जोड़ें। कुछ नया सीखने की कोशिश करें। अच्छा बोलें और अच्छा सोचें।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुचिका सहाय ने कहा कि अपने प्रियजनों से बात कर हालचाल लेते रहें । फोन या वीडियो कॉल आपको और आपके प्रियजनों को कम अकेला और जुड़ा महसूस करने में मदद कर सकता है। अपने प्रियजनों के साथ जुड़ने पर विचार करें।
पोस्ट कोविड केयर सेंटर स्थापित – जिले के बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में पोस्ट कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गई है। यहां फिजियोथेरेपिस्ट व साइकियाट्रिस्ट कोरोना से ठीक हुए लोगों को सेवा प्रदान कर रहे हैं।
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