Live story time
Agra, Uttar Pradesh, India. राष्ट्र संत नेपाल केसरी डॉ. मणिभद्र महाराज ने कहा कि केवल हमारा ज्ञान ही हमारे जीवन का उद्धार कर सकता है। इसलिए जितना अधिक ज्ञान गुरुजनों व पूर्वजों से प्राप्त कर सकते हो, ग्रहण करो। श्रुति पंचमी का यही संदेश है।
न्यू राजामंडी के महावीर भवन में शनिवार को श्रुति पंचमी पर आयोजित विशेष धर्म सभा में जैन मुनि डा.मणिभद्र महाराज ने कहा कि ज्ञान रूपी ज्योति को जला कर अपने जीवन को आलौकित करना चाहिए। तभी हमारा मन मस्तिष्क सक्रिय और परिपक्व रहेगा। उन्होंने बताया कि आचार्य धरसेन गिरनार पर्वत की चन्द्रगुफा में रहते थे। जब वे बहुत वृद्ध हो गये तो उन्हें लगा कि भगवान महावीर की वाणी को लिपिबद्ध करना चाहिए। आज के दिन ही यह भगवान महावीर की वाणी को लिपिबद्ध करना शुरू किया। कुछ लोगों का मत है कि इस दिन यह ग्रंथ पूर्ण हो गया था। उसी की स्मृति में प्रति वर्ष श्रुति पंचमी का पर्व मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ पर्व लौकिक और कुछ पारलौकिक होते हैं। श्रुति पंचमी को पारलौकिक पर्व का सम्मान दिया गया है।
जैन मुनि ने कहा कि हमें अपनी ज्ञान की आराधना करनी चाहिए। किसी भी देवता या गुरु की पूजा धूपबत्ती या अगरबत्ती जलाकर करने से कोई लाभ नहीं, ज्ञानी के प्रति श्रद्धा के भाव ही सच्ची पूजा है, क्योंकि उनसे हम जो कुछ सीखते हैं, उसी से हमारा जीवन सुखद हो सकता है। उन्होंने कहा कि ढाई अक्षर प्रेम का मतलब केवल प्रेम से नहीं, बल्कि आत्मा को जानने से है। आप अपने आप को व आपनी आत्मा को जितना जान लोगे, जीवन में उतनी ही खुशियां मिलेंगी। आत्मा की अनुभूति ही आत्म ज्ञान कहलाती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा ज्ञान प्राप्त करना ही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
शनिवार की धर्मसभा में गोहाटी से आए श्रद्धालु उपस्थित थे। संघ की तरफ से राजेश सकलेचा, नरेश जैन, राजीव जैन, वैभव जैन, सचिन जैन, अतिन जैन, सौरभ जैन, अनिल जैन, आदेश बुरड़ आदि उपस्थित थे।
ज्ञान पंचमी पर आगम का महापूजन, साध्वी वैराग्य निधि ने महिमा बताई
- आगरा रामलीला महोत्सव: राम-रावण युद्ध देखने उमड़ा भारी जनसैलाब, दो घंटे तक चली शानदार आतिशबाजी से जगमगाया आसमान, गूंजे ‘जय श्रीराम’ के जयघोष - October 21, 2026
- आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम: वृद्धजनों और समाजसेवियों के सम्मान के साथ हुआ आगरा के ऐतिहासिक दशहरा मेले का समापन - October 21, 2026
- श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव में राम-रावण युद्ध और रावण वध का भव्य मंचन: “अधर्म पर धर्म की विजय” के जयकारों से गूंजी रणभूमि - October 21, 2026