पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी ने पंजाब के गवर्नर उमर सरफ़राज़ चीमा को हटाने की प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की सलाह को ठुकरा दिया है. सोमवार रात राष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट कर विस्तार से इस फ़ैसले की वजह बताई है. राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया है कि पंजाब के गवर्नर को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बिना हटाया नहीं जा सकता. राष्ट्रपति कार्यालय ने पाकिस्तान के संविधान में अनुच्छेद 101 (3) के मुताबिक़- राष्ट्रपति की सहमति तक गवर्नर अपने पद पर बने रहेंगे.
राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी ने ये भी कहा है कि पंजाब के गवर्नर पर किसी तरह के ग़लत व्यवहार का आरोप नहीं है और न ही किसी अदालत ने उन्हें किसी मामले में दोषी ठहराया है. उन्होंने ये भी कहा कि पंजाब के मौजूदा गवर्नर उमर सरफ़राज़ चीमा ने कोई भी असंवैधानिक काम नहीं किया है, जिससे उन्हें हटाया जा सके.
शहबाज़ शरीफ़ की सरकार ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपति के पास चीम को हटाने की सिफ़ारिश भेजी थी. इमरान ख़ान ने अपनी सत्ता के आख़िरी दिनों में चीमा को पंजाब का गवर्नर नियुक्त किया था. पिछले दिनों पंजाब में उस समय संवैधानिक संकट पैदा हो गया था, जब चीमा ने हम्ज़ा शहबाज़ को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इनकार कर दिया था. बाद में इस मामले में लाहौर हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और फिर नेशनल असेंबली के स्पीकर ने हम्ज़ा को शपथ दिलाई.
-एजेंसियां
- ‘परीक्षा नहीं युद्ध हो गया है’: भाजपा के संस्थापक सदस्य मुरली मनोहर जोशी का मोदी सरकार की कार्यशैली पर करारा प्रहार - August 29, 2026
- देवरिया में बोले सीएम योगी- डबल इंजन सरकार में बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंच रहा विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ - August 29, 2026
- राहुल गांधी का बीजेपी पर बड़ा हमला: बोले— देश में आज भी संविधान और आरएसएस की लड़ाई; खरगे के अपमान पर कहा, शुद्धिकरण करने वालों पर होगी एफआईआर - August 29, 2026