आगरा मेट्रो की ‘सिल्वर जुबली’ के करीब: डिपो पहुंची 23वीं मॉडर्न ट्रेन, अब और रफ्तार पकड़ेगा सफर

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आगरा: ताजनगरी के सार्वजनिक परिवहन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में आगरा मेट्रो ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करते हुए, गुजरात के सावली प्लांट में निर्मित 23वीं मेट्रो ट्रेन सफलतापूर्वक आगरा डिपो पहुँच गई है। इस नई ट्रेन के आने से मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पर परिचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

सावली से आगरा तक का सफर: स्वदेशी तकनीक का कमाल

​यह नई रेक (ट्रेन) पूरी तरह से भारत में विकसित की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आगरा मेट्रो के कुल निर्धारित 28 ट्रेनों के बेड़े में यह 23वीं कड़ी है। अब इस ट्रेन को ट्रैक पर उतारने से पहले डिपो में कड़े तकनीकी, मैकेनिकल और सुरक्षा मानकों (Safety Parameters) पर परखा जाएगा।

​नई ट्रेन की 5 बड़ी खासियतें:

री-जनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम: यह ट्रेन बिजली बचाने में माहिर है। ब्रेक लगाने पर पैदा होने वाली ऊर्जा को यह दोबारा सिस्टम में भेज देती है, जिससे परिचालन लागत कम होती है।

​स्मार्ट सुरक्षा चक्र: कोच के भीतर चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरे, इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम और एडवांस फायर सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।

​प्रीमियम कंफर्ट: यात्रियों के लिए पूरी तरह एयर-कंडीशंड कोच, एर्गोनॉमिक डिजाइन वाली सीटें और शोर-मुक्त (Noise-less) यात्रा का अनुभव सुनिश्चित किया गया है।

​डिजिटल सूचना प्रणाली: रियल-टाइम स्टेशन अपडेट के लिए हाई-डेफिनिशन डिजिटल डिस्प्ले और स्पष्ट ऑडियो अनाउंसमेंट सिस्टम मौजूद है।

​पर्यावरण मित्र (Eco-Friendly): कम उत्सर्जन और कम शोर के सिद्धांत पर बनी यह ट्रेन आगरा को ‘ग्रीन सिटी’ बनाए रखने में सहायक होगी।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

​मेट्रो प्रशासन का मानना है कि ट्रेनों की संख्या बढ़ने से भविष्य में ट्रेनों के बीच का अंतराल (Headway) कम होगा। यानी यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर कम इंतजार करना पड़ेगा और पीक ऑवर्स के दौरान बढ़ती भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सकेगा।

परीक्षण के बाद होगी शामिल

फिलहाल, इस 23वीं ट्रेन को ‘प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट’ और विभिन्न ट्रायल्स से गुजरना होगा। सभी सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने के बाद इसे नियमित कमर्शियल रन के लिए बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा। यह विकास इस बात का प्रमाण है कि आगरा अब तेजी से एक स्मार्ट और आधुनिक परिवहन युग की ओर बढ़ रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh