आगरा। मोहब्बत की निशानी ताजमहल के साये में मुस्कुराते चेहरों की कुछ तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर पत्थर की लकीर की तरह चुभ रही हैं। ये तस्वीरें उन ईरानी नौसैनिकों की हैं, जो कुछ ही दिन पहले भारत की मेहमाननवाजी का आनंद ले रहे थे, लेकिन वतन वापसी के दौरान समुद्र में हुए एक भीषण हमले का शिकार हो गए। आज उनकी वो तस्वीरें, जो उन्होंने दुनिया के सातवें अजूबे के सामने बड़े चाव से खिंचवाई थीं, एक ऐसी कहानी बयां कर रही हैं जिसका अंत बेहद दर्दनाक रहा।
’मिलन 2026′ और आगरा का सफर
ईरानी नौसैनिक युद्धपोत ‘आईरिस देना’ (IRIS Dena) के साथ भारत में आयोजित बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ में हिस्सा लेने विशाखापट्टनम आए थे। अभ्यास के समापन के बाद, इन जांबाजों को भारत की सांस्कृतिक विरासत देखने का अवसर मिला, जिसके तहत वे ताजनगरी आगरा पहुंचे थे।
ताजमहल के दीदार और वो सुनहरी यादें
आगरा प्रवास के दौरान इन नौसैनिकों ने ताजमहल के डायना बेंच पर बैठकर ग्रुप फोटो खिंचवाई और सेल्फी लीं। स्थानीय गाइडों और पर्यटकों से बातचीत करते हुए उन्होंने भारतीय संस्कृति और खान-पान की जमकर तारीफ की थी। उनकी आंखों में उस समय केवल यात्रा का उत्साह और दोस्ती का संदेश था। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये नौसैनिक बेहद मिलनसार थे और ताजमहल की खूबसूरती देखकर मंत्रमुग्ध थे।
समंदर में अचानक आई त्रासदी
भारत से विदा लेने के कुछ ही दिनों बाद, श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उनके जहाज पर हमला हुआ, जिसमें कई नौसैनिकों के हताहत होने की खबर है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह वही जहाज था जो भारत की मेजबानी में हुए अभ्यास से लौट रहा था। इस खबर के बाद आगरा में उनके साथ समय बिताने वाले लोग और सोशल मीडिया यूजर्स स्तब्ध हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें
अब वही मुस्कुराती तस्वीरें फेसबुक और ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक विदाई के रूप में साझा की जा रही हैं। लोग लिख रहे हैं कि शायद ही उन नौसैनिकों ने सोचा होगा कि ताज के सामने खिंचवाई गई यह तस्वीर उनकी जिंदगी के सबसे खुशनुमा और आखिरी पलों में से एक होगी। ये तस्वीरें अब युद्ध की विभीषिका और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक पुल की तरह खड़ी हैं।
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