आगरा-ग्वालियर कॉरिडोर के लिए टेक्निकल बिड्स को मंगलवार को खोला गया। अडानी एंटरप्राइजेज और पीएनसी इंफ्राटेक समेत दस कंपनियों ने बोली लगाई है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, दिलीप बिल्डकॉन, डीआर अग्रवाल इंफ्राकॉन, जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स, अप्सरा इंफ्रास्ट्रक्चर, एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर, वेलस्पन एंटरप्राइजेज और गावर इंफ्रा भी हैं। ई टी के अनुसार, लगभग 88 किलोमीटर लंबा यह आगरा-ग्वालियर कॉरिडोर पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। इससे नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (एनएच-44) के आगरा-ग्वालियर सेक्शन में ट्रैफिक क्षमता दोगुनी से ज्यादा बढ़ जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस कॉरिडोर से आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी 7% और यात्रा का समय 50% कम हो जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आएगी।
इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश (ताजमहल, आगरा फोर्ट, आदि) और मध्य प्रदेश (जैसे ग्वालियर फोर्ट) के प्रमुख पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा। छह-लेन वाला यह एक्सेस-कंट्रोल्ड आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड हाईवे आगरा के गांव देवरी से शुरू होकर ग्वालियर के गांव सुसेरा तक जाएगा। इस प्रोजेक्ट में मौजूदा आगरा-ग्वालियर सेक्शन (NH-44) पर ओवरले या स्ट्रेंथनिंग और अन्य रोड सेफ्टी व सुधार के काम भी शामिल होंगे।
गौरतलब है कि अगस्त, 2024 में केंद्रीय कैबिनेट ने आगरा-ग्वालियर कॉरिडोर सहित आठ नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लंबाई 936 किलोमीटर है और इनकी लागत ₹50,655 करोड़ है। इन प्रोजेक्ट्स के लागू होने से करीब 4.42 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने का अनुमान है।
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