नल तो लगे पर जल गायब: महोबा में अपनी ही सरकार के खिलाफ क्यों सड़क पर उतरे भाजपा विधायक और 100 ग्राम प्रधान?

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महोबा। हर घर नल से जल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया जल जीवन मिशन अब अपने लक्ष्य से भटकता नजर आ रहा है। कई इलाकों में यह योजना पानी की बजाय विवाद, गड्ढों और अधूरी पाइपलाइनों की पहचान बन गई है। न गांवों तक नियमित जलापूर्ति हो सकी, न ही पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत हुई। हालात ऐसे हैं कि कई जगह यह पहचानना तक मुश्किल हो गया है कि कभी यहां पक्की सड़क हुआ करती थी। केंद्रीय जांच में भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में काम तय मानकों के अनुरूप न होने की बात सामने आ चुकी है।

इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार को महोबा में सियासी तनाव खुलकर सामने आ गया। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के जिले में पहुंचते ही चरखारी से भाजपा विधायक बृज भूषण राजपूत अपने समर्थकों और करीब सौ ग्राम प्रधानों के साथ सड़क पर उतर आए। विधायक ने मंत्री के काफिले को रोककर गांवों में पानी की किल्लत और बदहाल सड़कों का मुद्दा सीधे उनके सामने रखा।

विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि जिले के अधिकांश गांवों में नल से पानी नहीं पहुंच रहा है और जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कें महीनों बाद भी जस की तस पड़ी हैं। इस पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सवाल किया कि किस गांव में पानी नहीं आ रहा है, नाम बताइए, वे खुद मौके पर चलकर स्थिति देखने को तैयार हैं। जवाब में विधायक ने कहा कि किसी एक नहीं, लगभग हर गांव की यही हालत है और मंत्री चाहें तो किसी भी गांव में जाकर हकीकत देख सकते हैं।

विधायक बृज भूषण राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि नमामि गंगे और जल जीवन मिशन से जुड़े कार्य बार-बार पत्र लिखने के बावजूद अधूरे पड़े हैं। जनता लगातार परेशान है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर जनता के हित में किसी को रोकना पड़ेगा, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।

इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया और नारेबाजी भी हुई। हालात बिगड़ते देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की गई।

महोबा में हुआ यह टकराव बताता है कि जल जीवन मिशन को लेकर असंतोष अब केवल ग्रामीणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्तारूढ़ दल के भीतर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh