सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में वन्नियार समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में 10.5 फ़ीसदी आरक्षण देने को असंवैधानिक ठहराने के हाई कोर्ट के फ़ैसले को सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसे समानता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया है.
पिछले साल एआईएडीएमके की सरकार ने सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में वन्नियार समुदाय के लोगों को एक क़ानून बनाकर आरक्षण दिया था लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने वन्नियार आरक्षण अधिनियम 2021 को असंवैधानिक करार दिया है. जस्टिस ए नागेश्वर राव की अगुआई वाली खंडपीठ ने अपने फ़ैसले में कहा कि वन्नियार समुदाय के लोगों को अन्य लोगों की तुलना में एक अलग ग्रुप का दर्जा देने का कोई आधार नहीं है.
-एजेंसियां
Latest posts by Dr. Bhanu Pratap Singh (see all)
- आगरा जनकपुरी महोत्सव 2026: सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आयोजन समिति ने पुलिस आयुक्त से की भेंट, भव्य आयोजन की तैयारियों पर चर्चा - July 31, 2026
- Agra News: ‘संवेदना एक प्रयास’ संस्था ने 330 जरूरतमंद बच्चों को बांटी यूनिफॉर्म व स्टेशनरी, इस्कॉन के सहयोग से शुरू हुआ मिड-डे मील - July 31, 2026
- आगरा में गुरु-शिष्य परंपरा का होगा भव्य अभिनंदन: आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ़ यूपी 4 अगस्त को आयोजित करेगा ‘गुरु शिल्पी सम्मान समारोह’ - July 31, 2026