ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन में युद्ध की रणनीति के अध्ययन के लिए एक समूह का गठन किया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इस समूह को अध्ययन करना है कि कैसे यूक्रेन इतने दिनों तक रूस के ख़िलाफ़ युद्ध में डटा हुआ है. ताइवान इसकी अमेरिका के साथ चर्चा भी कर रहा है.
ताइवान और चीन के बीच पुराना विवाद है. चीन मानता है कि ताइवान उसका एक प्रांत है, जो एक दिन फिर से चीन का हिस्सा बन जाएगा जबकि ताइवान ख़ुद को एक आज़ाद मुल्क मानता है. उसका अपना संविधान है और वहाँ लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार का शासन है.
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ताइवान अलर्ट पर है. उसे डर है कि चीन भी रूस की तरह कोई क़दम उठा सकता है. हालाँकि, चीन ने ऐसा करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं.
ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा कि वो युद्ध लड़ने के तरीक़ों को लेकर दूसरे देशों से संपर्क कर रहे हैं और इसके अध्ययन के लिए एक समूह का गठन किया है.
उन्होंने कहा कि ताइवान रूस की सेना के ख़राब प्रदर्शन और यूक्रेन की उन्हें रोकने की क्षमता जैसे विषयों का अध्ययन कर रहा है.
-एजेंसियां
- यूपी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: जिला पंचायत अध्यक्षों को मिली नई जिम्मेदारी, अब प्रशासक के तौर पर संभालेंगे कार्यभार - July 11, 2026
- यूपी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: जिला पंचायत अध्यक्षों को मिली नई जिम्मेदारी, अब प्रशासक के तौर पर संभालेंगे कार्यभार - July 11, 2026
- आगरा के महाराजा सूरजमल इंटर कॉलेज जाट हाउस की सच्चाई जानकार हैरान रह जाएंगे, आंख बंद किए बैठे हैं जाट नेता - July 10, 2026