हनुमानगढ़ (राजस्थान): राजस्थान के छोटे से शहर हनुमानगढ़ के 27 वर्षीय सुनील सहारण ने अपनी हिम्मत, जज़्बे और जोखिम उठाने की क्षमता से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे हर युवा प्रेरणा के रूप में देख सकता है।
सुनील 2019 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए, लेकिन 2022 में उन्होंने एक ऐसा बड़ा फैसला लिया जो सामान्य सोच से परे था—उन्होंने सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़कर उद्यमिता (Entrepreneurship) को चुना।
उनका पहला स्टार्टअप UPTOP (एक EdTech वेंचर) था, जिसे बनाने में उन्होंने दिन-रात मेहनत की, लेकिन यह वेंचर सफल नहीं हो पाया और अंततः बंद करना पड़ा।
संघर्ष की शुरुआत: असफलता जिसने तोड़ा, लेकिन रोका नहीं
वायुसेना में उनका करियर स्थिर था, लेकिन उनकी सोच सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं थी।
बिना भविष्य की चिंता किए उन्होंने सेवा से अनुपस्थित होकर उद्यमी बनने का जोखिम उठाया—जो आसान नहीं था।
उन्होंने रोज़ाना 16–18 घंटे और हफ्ते में 7 दिन लगातार काम किया
निवेशकों ने उनके आइडिया में कोई रुचि नहीं दिखाई
स्टार्टअप को चलाना असंभव हो गया और उन्हें इसे बंद करना पड़ा
यह उनके करियर का सबसे कठिन समय था—लेकिन सुनील टूटे जरूर, झुके नहीं।
सैनिक की हिम्मत: हार के बाद नई उड़ान
भारतीय वायुसेना ने उन्हें सिखाया था—
“सैनिक कभी मैदान नहीं छोड़ता, चाहे परिणाम कुछ भी हो।”
इसी जज़्बे के साथ सुनील ने दोबारा शुरुआत की।
उन्होंने एक नया टेक स्टार्टअप शुरू किया और लगातार एक साल तक रोज़ 16–18 घंटे काम किया।
परिणामस्वरूप:
✔ स्टार्टअप को बड़े क्लाइंट मिले
✔ तीन वर्षों के कठिन संघर्ष के बाद सफलता मिलने लगी
✔ और अब उन्हें मिला Y Combinator
Accelerator Program में चयन
हजारों भारतीय स्टार्टअप्स के बीच चयनित होना एक छोटे शहर के युवा के लिए बड़ी उपलब्धि है, जो यह संदेश देता है कि सपने जगह देखकर नहीं, जज़्बे देखकर पूरे होते हैं।
Y Combinator क्या है?
Y Combinator (YC) दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित स्टार्टअप एक्सलेरेटर और वेंचर कैपिटल संस्था है, जिसने अब तक 5,000 से अधिक कंपनियाँ लॉन्च की हैं, जिनमें शामिल हैं:
Airbnb
Coinbase
DoorDash
Dropbox
Stripe
Instacart
Twitch
YC चुने गए स्टार्टअप्स को मेंटॉरशिप, सीड फंडिंग, नेटवर्किंग और वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करता है।
भविष्य की दृष्टि: MSME के लिए तकनीकी क्रांति
सुनील सहारण का विज़न है— भारत के MSME सेक्टर को टेक्नोलॉजी और AI ऑटोमेशन की मदद से बढ़ाना, ताकि छोटे और मध्यम व्यवसाय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उनका मानना है कि: “टेक्नोलॉजी बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, इसे छोटे व्यवसायों तक पहुंचना चाहिए।”
सुनील की यात्रा हमें सिखाती है कि— एक छोटा शहर, सीमित संसाधन, सरकारी नौकरी छोड़ने का जोखिम और असफलता—इन सबके बावजूद सफलता पाना बताता है कि बड़ी जीत उन्हें मिलती है, जो हार मानने से इंकार करते हैं।
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