श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा, भारत का अनुसरण करके आगे बढ़ सकता है देश

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श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भारत की तारीफ की है और कहा है कि उनका देश भारत का अनुसरण करते हुए आगे बढ़ सकता है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए विक्रमसिंघे ने कहा कि ये साफ था कि तकनीक के स्तर पर और संस्थानों को खड़ा करने के मामले में हमें मदद की जरूरत होगी। मुझे लगा कि भारत सबसे बेहतर विकल्प है। इसके लिए मैंने बीते साल इंडिया के पीएम नरेंद्र मोदी से बात की। उनसे मुझे अच्छा रिस्पॉन्स मिला और हमारी मदद भी भारत की ओर से की गई।

रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जिसने शून्य का आविष्कार किया और फिर आगे बढ़ते हुए आज काफी तरक्की कर ली है। मैं कह सकता हूं कि भारत ने जिस तरह से खुद को आगे बढ़ाया है, वो समझने लायक है और हम इसको अपने देश में लागू कर सकते हैं।

डिजिटल बुनियादी ढांचे पर श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा, “भारत जो कर रहा है, हम उसकी नकल कर रहे हैं। हम निश्चित ही भारत के साथ चलना चाहेंगे।

भारत की तारीफ करते रहे हैं विक्रमसिंघे

रानिल विक्रमसिंघे ने पहली बार भारत की सराहना नहीं की है, वह पहले भी पड़ोसी देश की तारीफ करते रहे हैं। विक्रमसिंघने ने बीते महीने अपने एक इंटरव्यू में भारत की तारीफ करते हुए कहा था कि आर्थिक संकट में श्रीलंका की प्रगति में भारत की ओर मिले मदद से महत्वपूर्ण सहायता मिली। श्रीलंका में साल 2022 में एक बड़ा आर्थिक संकट देखने को मिला था, जिसके बाद जनता सड़क पर उतर आई थी। इन हालात में भारत ने श्रीलंका को मदद भेजी थी।

मुश्किल समय में भारत से मिली इसी मदद का जिक्र करते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा था कि हम भारत के आभारी है। हम भारत की मदद के बिना बच नहीं सकते थे। हम दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों पर भी विचार कर रहे हैं।

विक्रमसिंघे ने यह भी कहा कि वह आईआईटी मद्रास की एक ब्रांच को श्रीलंका के कैंडी में खोलना चाहते हैं। उन्होंने भारत के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने और कनेक्टिविटी में सुधार का भी आग्रह किया।

-एजेंसी

Dr. Bhanu Pratap Singh