विश्व सफाई दिवस पर आप जित देखो तित सर्वत्र आपको गंदगी, प्लास्टिक, कचरे का जलना नाले-नाली जाम मिल जाएँगे
आज पूरा विश्व कोविड-19 के प्रकोप से त्रस्त है। कोरोना ने पूरी मानव जाति को रुला दिया है। साथ ही यह अहसास करा दिया है कि उसकी करतूत से न केवल बहुत बड़ी आर्थिक हानि हुई है बल्कि बड़ी जनहानि हो गयी है। विश्व में पर्यावरण या जलवायु का बिगड़ना या स्वास्थ खराब होना या गलोबल वार्मिंग का जो दंश है, इन सबके पीछे मानव के क्रियाकलाप ही एकमात्र कारण हैं। कोविड-19 में जब पूरा विश्व घरों में कैद हो गया, उसके क्रियाकलापों में रोक लग गई तो पूरे विश्व में अपने आप वायु, नदियाँ ना केवल साफ हुई बल्कि मौसम के तापमान में गिरावट आ गयी।
पर्यावरण को मानव हर तरीके से दोहन के साथ नुकसान पहुँचाता है। जैसे जंगलों का काटना, पशु पक्षियों को मारना, पौधे ने लगाना, अत्यधिक जल का दोहन करना, प्लास्टिक और अत्यधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करना, साफ-सफाई ना रखना आदि। मानव शुद्ध हवा, शुद्ध पानी, सफाई व हाइजेनिक की चाहत रखता है। पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने में सफाई का भी बड़ा किरदार होता है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा सफ़ाई के लिए जागरूक लोग हर वर्ष 24 सितंबर को विश्व सफाई दिवस के रूप में मनाते हैं ताकि सरकार पर सफ़ाई के लिऐ दबाव बना सकें और अपने देशवासियों को सफ़ाई के प्रति जागरूक कर सकें। आज के दिन विश्वभर में सफाई करने के लिए हजारों की संख्या में स्वयंसेवी व सामाजिक संगठन तटों, पार्कों और नदी के किनारों, सड़कों, मार्केट की सफाई करने के लिए निकलते है। आज बड़ी संख्या में लोग विश्वभर में प्रदर्शनों और स्वच्छता गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं और पर्यावरण पर तत्काल कार्रवाई किये जाने की सरकार से माँग करते हैं। सम्पूर्ण भारत में कुछ शहर व संगठनों को छोड़कर बाकी सब लापरवाही के साथ अनभिज्ञ हैं, परन्तु आगरा में इंडिया राइजिंग के स्वयंसेवक चिलचिलाती धूप में कचरा हटाते और वॉल पेंटिंग करते हैं। वे सफाई दिवस पूरे साल मनाते हैं ताकि प्रेम की निशानी ताजमहल का दीदार करने आने वालों को लगे कि ताज की ही तरह आगरा शहर बेदाग है|
लोकस्वर की श्रीमती संध्या शर्मा कहती हैं आगरा की जनता विश्व सफाई दिवस पर कुछ ना कुछ करती ,है परंतु आगरा नगर निगम प्रशासन तो पूरे साल सफाई के ढोल अखबार और कागज पर बजाता है। स्वच्छता के लिए अभियान चलाने वाला नगर निगम आज विश्व सफाई दिवस को लेकर बिल्कुल ही निष्क्रियहै। नगर निगम को पता ही नहीं होगा कि आज विश्व सफाई दिवस है। शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर निगम प्रशासन की असंवेदनशीलता का परिचायक हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के तकरीबन सभी नगर पालिका क्षेत्रों में गंदगी की समस्या है।
लोकस्वर अध्यक्ष राजीव गुप्ता कहते हैं कि भारत सरकार अपने देश के हर शहर को साफ सुथरा रखना और देखना चाहता है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों और भारतीयों की आदत की वजह से अपने उद्देश्य में बहुत सफल नहीं हो पा रहा है। भारत सरकार ने शहरों के बीच में स्वच्छता की प्रतियोगिता चला रखी है कि जो शहर और शहरवासी सफाई पसंद होंगे केंद्र सरकार उसे स्मार्ट शहर बनाने के लिए हर संभव मदद करेगी। आज आगरा की अगर आप बात करें तो वैसे तो स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में आगे बढ़ रहा है परन्तु सफ़ाई में देश में 5 और प्रदेश में 3 स्थान पाकर अपनी कार्यप्रणाली की पोल खोल रहा है।
श्री गुप्ता कहते हैं कि विश्व सफाई दिवस पर आप जित देखो तित सर्वत्र आपको गंदगी, प्लास्टिक, कचरे का जलना नाले-नाली जाम मिल जाएँगे । आज विश्व सफाई दिवस पर मैं सभी आगरावासियों से, नगर निगम प्रशासन से व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह करता हूँ कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े के तहत कार्यक्रम करना चाहिए। साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि हम स्वस्थ रहें। नारा देना है- स्वच्छता है जहाँ, स्वस्थ जीवन है वहाँ।
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