सेहत के लिए बेहद खतरनाक कुछ चीजें हमेशा आपके घर में ही मौजूद रहती हैं। अगर आपको लगता है कि आपने अपने घर की अच्छी तरह से सफाई कर ली और आपका घर धरती पर सबसे साफ जगह बन गया तो आप गलत हैं। सुरक्षा और सफाई से जुड़े सभी जरूरी कदम उठाने के बाद भी हमारे घर में कुछ कॉमन चीजें मौजूद हैं जो हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं और जाने-अनजाने हम हर दिन इनका इस्तेमाल करते हैं।
इंडोर प्लांट्स
यह तथ्य आपको आश्चर्च में डाल सकता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि घर में रखे पौधे घर के वातावरण को शुद्ध करते हैं। लेकिन अगर आपके घर में बच्चे या पेट्स हैं तो हम आपको बता दें कि कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो डैफिडोल, इवी और आइरिस जैसे कुछ पौधों में जहरीले केमिकल्स होते हैं जो कीटाणुओं से अपनी सुरक्षा करते हैं। ऐसे में अगर आप इन पौधों को घर में रख रही हैं तो इन्हें बच्चों और पेट्स की पहुंच से दूर रखें।
प्लास्टिक की बोतलें
प्लास्टिक की वॉटर बॉटल्स ज्यादातर घरों में बड़ी आसानी से मिल जाती है। प्लास्टिक की बॉटल्स की कई वरायटी है जिसमें बिस्फेनॉल Aऔर BPA पाया जाता है। BPA शरीर के हॉर्मोन्स जैसे ऐस्ट्रोजन लेवल को प्रभावित करते हैं। इस परिस्थिति से बचने के लिए आपको ऐसी प्लास्टिक बॉटल्स का चुनाव करना चाहिए जो BPA, BPS या BP फ्री हों।
फूड कंटेनर
फूड कंटेनर खासतौर पर अगर वे प्लास्टिक के बने हैं तो इससे भी हमारी सेहत को नुकसान हो सकता है। दरअसल, प्लास्टिक को लचीला बनाने के लिए Phthalates नाम का केमिकल मिलाया जाता है। ये केमिकल्स शरीर के हॉर्मोन को प्रभावित करते हैं जिससे सामान्य भ्रूण के विकास पर असर पड़ता है। साथ ही स्पर्म की क्वॉलिटी पर भी असर पड़ता है। लिहाजा प्लास्टिक फूड कंटेनर की जगह कांच के कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए।
कार्पेट
हमारे घरों में कई कार्पेट ऐसे होते हैं जो स्टेन-प्रूफ होते हैं यानी इनपर दाग-धब्बे नहीं लगते। भले ही आपका मन इन्हें ही खरीदने का हो लेकिन ऐसा कार्पेट का इस्तेमाल करना सेहत के लिए ठीक नहीं है। इन कार्पेट्स में PFAs नाम का केमिकल होता है जो शरीर में जमा हो जाते हैं और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बच्चे तक पहुंच सकते हैं। लिहाजा ऐसे कार्पेट का चुनाव करें जो नैचरल चीजों जैसे ऊन से बना हो।
पिज्जा के डिब्बे
जी हां पिज्जा के डिब्बों में भी हानिकारक केमिकल होते हैं जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इन डिब्बों में भी PFAs होता है जिनका इस्तेमाल माइक्रोवेव पॉपकॉर्न पैकेट और कार्पेट क्लीनर में किया जाता है। पिज्जा बॉक्स में एक कोटिंग की जाती है ताकि कार्डबोर्ड बॉक्स तेल या वसा को सोख न पाए। डिब्बे पर लगी कोटिंग की वजह से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है।
-एजेंसी
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