​साहब! कहाँ करें फरियाद?— आगरा में दरोगा की बर्बरता का शिकार हुआ किसान, थाने में पटों से पीटा, सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद लाइन हाजिर

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आगरा: ताजनगरी में कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर कटघरे में है। किरावली और छत्ता के बाद अब थाना पिढ़ौरा में तैनात एक दरोगा पर सत्ता के नशे में चूर होकर एक किसान के साथ बर्बरता करने का गंभीर आरोप लगा है। महज 5 हजार रुपये के मामूली लेन-देन के विवाद में पहुँचे दरोगा ने न केवल मर्यादा लांघी, बल्कि थाने को ‘टॉर्चर रूम’ बना दिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद आलाधिकारियों ने आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।

मामूली विवाद और दरोगा तालिब चौहान का ‘तांडव’

घटना किरावली के गांव रामपुर चंद्रसैनी की है। किसान अनिल भदौरिया का अपने भाई अजीत के साथ पड़ोसी से 5 हजार रुपये को लेकर विवाद हुआ था। मामला शांत हो चुका था, लेकिन शिकायत मिलते ही दरोगा तालिब चौहान दो सिपाहियों के साथ मौके पर पहुँच गए। आरोप है कि दरोगा ने घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। जब अनिल ने इस ज्यादती का वीडियो बनाना चाहा, तो दरोगा ने आपा खो दिया और मोबाइल छीनकर मारपीट शुरू कर दी।

थाने में ‘थर्ड डिग्री’: घसीटा, पीटा और दी जान से मारने की धमकी

पीड़ित अनिल भदौरिया के मुताबिक, दरोगा उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर थाने ले गए। वहाँ कानून के रखवाले ने अपना खौफनाक चेहरा दिखाया अनिल को कॉलर पकड़कर घसीटा गया और थाने के अंदर ले जाकर हाथ, पीठ और पैरों पर पटों (चमड़े के बेल्ट) से बेरहमी से पीटा गया। यंहा तक कि भाई को भी नहीं बख्शा बीच-बचाव करने पहुँचे भाई अजीत की भी जमकर पिटाई की गई। पीड़ित ने बताया दोपहर 3 बजे दोनों को इस चेतावनी के साथ छोड़ा गया कि अगर कहीं शिकायत की, तो जान से मार दिए जाओगे।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर गुहार, डीसीपी का कड़ा एक्शन

पुलिस की धमकी से डरे बिना अनिल भदौरिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर अपनी आपबीती दर्ज कराई। मामला शासन स्तर तक पहुँचते ही आगरा पुलिस महकमे में खलबली मच गई। डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी दरोगा तालिब चौहान को लाइन हाजिर कर दिया है।

​एसीपी पिनाहट करेंगे जांच, उठ रहे गंभीर सवाल

​पूरे मामले की जांच एसीपी पिनाहट गिरीश कुमार को सौंपी गई है। पीड़ित अनिल का दर्द छलक पड़ा, उन्होंने सवाल किया “जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो गरीब किसान अपनी फरियाद लेकर कहाँ जाए?” लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कमिश्नरेट पुलिस के ‘मित्र पुलिस’ वाले नारे की पोल खोल दी है।

रिपोर्टर- नीरज परिहार

Dr. Bhanu Pratap Singh