आगरा। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत छापेमारी की आड़ में विभागीय अधिकारी अपनी जेबें भरने में लगे हैं। छापेमारी के दौरान विद्युत चोरी पकड़े जाने के बाद अधिकारियों का खेल शुरू हो जाता है, इसके बाद जमकर सेटिंग को अंजाम दिया जाता है।
दो दिन पूर्व अछनेरा क्षेत्र के एक गांव में विभागीय अधिकारियों की टीम चेकिंग के लिए पहुंची। एक घर पर सीधे लाइन से कटिया, एक घर में जाती देखी गई। टीम ने उस घर के अंदर जाकर देखा तो घरेलू चक्की,हीटर व अन्य उपकरण विद्युत चोरी से संचालित होती मिली। इसके बाद आटा चक्की संचालक को जमकर हड़काया गया। संचालक बुरी तरह घबरा गया।
वह विभागीय अधिकारियों के पास कुछ रियायत देने की मांग को लेकर पहुंचा। इसी दौरान विभागीय अधिकारियों ने उसके समक्ष ऐसी मांग रख दी, जिससे वह बुरी तरह सदमे में आ गया। घर पर आकर उसने जहर खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन आनन फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। दो दिन तक सघन उपचार कराने के बाद उसको होश आया। उ
सके परिजनों के मुताबिक उनसे 2 से 2.5 लाख की मांग की गई थी। इतनी मोटी धनराशि देने में उपचाराधीन युवक असमर्थ था। जिसके कारण मजबूरन कदम उठाना पड़ा। उधर घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारी भी अपने बचाव में जुट गए।जबकि चेकिंग के चौबीस घंटे के अंदर एफआईआर करनी होती है, विजिलेंस थाने में बैकडेट में एफआईआर की जुगत भिड़ाने लगे। इस मामले में अधीक्षण अभियंता जटाशंकर मिश्रा ने जानकारी करने की बात कही।
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