बच्ची से दुष्कर्म व हत्या मामले में आज गुरुवार को सीरियल किलर रविंद्र कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
रविंद्र को यह सजा अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुनील कुमार की कोर्ट ने सुनाई है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपित ने वर्ष 2008 से लेकर 2015 तक करीब 30 बच्चों से दरिंदगी की बात कबूली है।
छठी फेल है रविंद्र
रविंद्र छठी फेल है। वह शराब व नशे का आदी है। उसने बचपन में एक अंग्रेजी फिल्म देखी थी, जिसमें तीन लोग बच्चों की हत्या कर उनसे कुकर्म या दुष्कर्म करते थे। यह फिल्म देखने के बाद वह भी शराब पीकर व उसके बाद सूखा नशा (साल्यूशन व व्हाइटनर आदि) करके बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाता गया।
दिल्ली में 14 मामलों को दिया अंजाम
तीस में से 14 आपराधिक मामलों को वह दिल्ली के कंझावला, समयपुर बादली, निहाल विहार, मुंडका, नरेला आदि इलाकों में अंजाम दे चुका था। पुलिस जब आरोपित को वारदात की जगहों पर लेकर गई थी तो कुछ जगह साक्ष्य नष्ट हो चुके थे व कुछ जगह साक्ष्य मिले थे।
अंग्रेजी हारर मूवी देखकर बना हैवान
रविंद्र 2008 में अंग्रेजी हारर मूवी (डरावनी फिल्म) देखकर हैवान बना। फिल्म देखने के बाद उसने पहली वारदात को अंजाम दिया। यह जानकारी 2015 में बेगमपुर मासूम हत्याकांड के जांच अधिकारी और दिल्ली पुलिस से एसीपी पद से रिटायर हुए जगमिंदर सिंह दहिया ने दी थी।
मानसिक रूप से बीमार है रविंद्र
अपने गुनाह को कबूल करने वाला रविंद्र इतना हैवान है कि वह बच्चों को मारने के बाद उनके शवों के साथ भी गलत काम करता था। यह बात उसने खुद मीडिया के सामने स्वीकार की थी। दहिया ने बताया कि आरोपित ज्यादातर गरीब परिवारों के बच्चों को अपना शिकार बनाता था।
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