नई दिल्ली: राम मंदिर में चढ़ावे के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के कथित मामलों ने राष्ट्रीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत से हस्तक्षेप की अपील की है। राउत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता अक्सर मुगलों और मोहम्मद गजनवी द्वारा मंदिर लूटने की बात करते हैं, लेकिन आज राम मंदिर से जो करोड़ों का चढ़ावा लूटा जा रहा है, उस पर उनकी चुप्पी शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि ‘PM मोदी मुगलों के मंदिर लूटने की बात करते हैं। BJP गजनवियों के राम मंदिर लूट पर चुप क्यों? मैं मोहन भागवत से अपील करता हूं। जैसे आपने राम मंदिर बनाने में मदद की, वैसे ही हमने भी अपना हिस्सा निभाया। देखिए आज मंदिर कैसे लूटा जा रहा है।
“यह नए गजनवियों का काम”: संजय राउत
उन्होंने कहा कि इसे लूटने के लिए अलाउद्दीन खिलजी नहीं आया था, न ही गजनवी आया था। BJP नेता बार-बार कहते हैं कि मुगलों ने मंदिर लूटे। लेकिन ये नए मुगल हैं। संजय राउत ने कहा कि मंदिर को BJP ही लूट रही है। प्रधानमंत्री मोदी अक्सर पूछते हैं कि सोमनाथ मंदिर किसने लूटा? वो कहते हैं कि मोहम्मद गजनवी ने, तो फिर राम मंदिर किसने लूटा? इसे BJP के अपने गजनवियों ने लूटा। अभी तक प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है। SIT क्या करेगी? रिपोर्ट को बस दबा दिया जाएगा। यह सरकार भगवान राम के आशीर्वाद से सत्ता में आई थी, और यह भगवान राम के श्राप से सत्ता छोड़ देगी।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रेसवार्ता में कहा कि मैंने देखा कि आम आदमी पार्टी के हमारे साथी संजय सिंह ने एक बहुत जरूरी बात कही। संजय सिंह ने कहा कि जब भगवान राम वनवास पर गए थे, तो भरत ने उनकी खड़ाऊं की रक्षा की थी लेकिन भाजपा के लोगों ने खुद ही भगवान राम की खड़ाऊं चुरा ली हैं।
ओमराजे निंबालकर पर तीखा हमला
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘कुख्यात गद्दार’ करार दिया और यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। संजय राउत ने दावा किया कि दलबदलुओं के पास कोई वैचारिक आधार नहीं होता और वे पूरी तरह से अपने स्वार्थ से प्रेरित होते हैं।
संजय राउत ने कहा कि क्या गद्दारों का कभी कोई स्टैंड होता है? उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले कुख्यात गद्दार हैं। अगर ओम निम्बालकर को लगता है कि इस कदम के लिए उनके पिता की आत्मा उन्हें आशीर्वाद देगी तो यह उनकी अपनी जिम्मेदारी है। अब वे उन्हीं लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बैठे हैं जिन पर वे सालों से आरोप लगाते आ रहे थे। यह बेशर्मी और लालच की पराकाष्ठा है।
अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि गद्दारों की कोई विचारधारा नहीं होती। ओमराजे (निंबालकर) एक कुख्यात गद्दार हैं। शिवसेना को तोड़ना महाराष्ट्र को तोड़ने जैसा है। उद्धव ठाकरे जानते हैं कि ओमराजे को सबसे पहले 15 करोड़ रुपये किसने दिए थे। धाराशिव में जो विकास दिख रहा है, वह पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुआ था। सिर्फ चीनी मिलें लगाने से विकास नहीं होता बल्कि विकास सामूहिक प्रयासों से होता है। अगर किसी सांसद को लगता है कि 100 करोड़ रुपये अपनी जेब में डालना ही विकास है, तो यह गलत सोच है।
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