आगरा में सनसनी: ट्रांस यमुना के कांशीराम आवास की झाड़ियों में मिली एक्सपायरी दवाओं की भारी खेप, औषधि विभाग और पुलिस जांच में जुटी

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ताजनगरी आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाथरस मार्ग स्थित कांशीराम आवास योजना की झाड़ियों के बीच सोमवार को एक्सपायरी हो चुकी दवाओं की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की गई है। जब स्थानीय निवासियों ने झाड़ियों में भारी मात्रा में दवाओं का यह जखीरा देखा, तो तुरंत इसकी इत्तला क्षेत्रीय पार्षद को दी गई। पार्षद के माध्यम से मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस फौरन हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर सभी दवाओं को अपने कब्जे में ले लिया। इतनी भारी तादाद में दवाएं मिलने की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना फौरन औषधि विभाग (Drug Department) को भी दी गई है, ताकि पूरे मामले की तकनीकी और कानूनी जांच कराई जा सके। इस पूरे प्रकरण को हाल ही में धनौली में पकड़ी गई अवैध दवाओं के मामलों और टेढ़ी बगिया के एक खाली गोदाम से जोड़कर भी बेहद बारीकी से परखा जा रहा है।

​घटनाक्रम के अनुसार, सबसे पहले आसपास के स्थानीय लोगों की नजर झाड़ियों में फेंके गए दवाओं के इस बड़े ढेर पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने बिना देर किए क्षेत्रीय पार्षद को इसकी जानकारी दी। पार्षद की पहल पर पुलिस बल ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू की और झाड़ियों में बिखरी या बोरियों-पैकेटों में भरी दवाओं को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

बरामद की गई दवाओं की कुल मात्रा, उनके प्रकार और ब्रांड्स का विस्तृत विवरण विस्तृत जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर सामने आ पाएगा। इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाओं का मिलना एक गंभीर विषय है, जिसके चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को भी इस पूरी जांच में प्रमुखता से शामिल किया गया है। विभाग की टीमें अब इस बात का सुराग लगाने में शिद्दत से जुटी हैं कि आखिर इतनी बड़ी खेप यहां कहां से आई और इसे किस मक़सद या साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से इन झाड़ियों में फेंका गया था।

​धनौली और टेढ़ी बगिया से कनेक्शन की आशंका

प्रारंभिक जांच-पड़ताल के दौरान यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस ताजा मामले के तार हाल ही में धनौली इलाके में उजागर हुए अवैध दवाओं के कारोबार से जुड़े हो सकते हैं। इसके साथ ही, टेढ़ी बगिया क्षेत्र में स्थित एक संदिग्ध खाली गोदाम से भी इस मामले के तार जोड़े जाने की चर्चाएं हैं। स्थानीय पुलिस और औषधि विभाग के अधिकारी इन तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं और संभावित कड़ियों को केंद्र में रखकर अपनी जांच का दायरा लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।

​क्षेत्र में एक्सपायरी दवाओं का इस तरह भारी मात्रा में मिलना इस बात का संकेत है कि इलाके में किसी बड़े नकली और संदिग्ध दवाओं के नेटवर्क का संचालन हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। पुलिस और औषधि विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या यह बरामद जखीरा किसी संगठित दवा माफिया गिरोह का हिस्सा है, या फिर इन्हें अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स या गोदामों से ठिकाने लगाने के इरादे से यहां लाकर फेंका गया था।




Dr. Bhanu Pratap Singh