गौ मांस से कमाई करने वालों को सनातन समाज कभी नहीं करेगा माफ…लालगंज में बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

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लालगंज (रायबरेली)। ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ यात्रा लेकर निकले ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को लालगंज पहुँचे। बृजेंद्र नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में उन्होंने गौ-रक्षा और सनातन धर्म के प्रतीकों पर हो रहे हमलों को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि जो व्यक्ति गौ माता पर अत्याचार करता है या उसके मांस से व्यापार करता है, वह किसी भी स्थिति में हिंदू नहीं हो सकता।

“चोटी खींचना धर्म की ध्वजा का अपमान”

प्रयागराज में बटुकों (बटुकों) के साथ हुई मारपीट और उनकी चोटी खींचे जाने की घटना पर शंकराचार्य बेहद आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा, “चोटी हमारे धर्म की ध्वजा के समान है। बटुकों की चोटी खींचना सीधे तौर पर सनातन धर्म के मान-मर्दन की कोशिश है। यदि हिंदू धर्म के नाम पर वोट लेकर सत्ता में आने वालों के राज में भी ऐसी घटनाएं होती हैं और पुलिस दोषियों का साथ देती है, तो इसे हिंदुओं की सरकार कैसे माना जाए?”

​दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

​शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि यदि कोई विधर्मी ऐसी हरकत करता तो समझ आता, लेकिन स्वघोषित हिंदू रक्षकों के शासन में बटुकों का अपमान बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चोटी खींचने वाले पुलिसकर्मियों या अन्य दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

गौ-प्रतिष्ठा के लिए निर्णायक जंग

​गौ माता को ‘राज्य माता’ और ‘राष्ट्र माता’ घोषित कराने की अपनी मुहिम पर जोर देते हुए महाराजश्री ने कहा कि अब शंखनाद हो चुका है। उन्होंने एलान किया कि आगामी 11 मार्च को लखनऊ के मान्यवर कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल पर एक विशाल समागम होगा, जहाँ गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ-प्रतिष्ठा की अगली दिशा तय होगी।

भव्य स्वागत और आयोजन

​लालगंज पहुँचने पर अनुयायियों ने शंकराचार्य का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ नेता महेश प्रसाद शर्मा ने किया। इस अवसर पर राघवेंद्र सिंह, सुमित यादव, राजेंद्र चौहान, नीरज सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh