पहलवानों का आंदोलन जल्द ही समाप्त हो सकता है। जी हां, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के कुछ घंटे बाद पहलवान साक्षी मलिक प्रदर्शन से पीछे हट गई हैं। आज पहलवान साक्षी मलिक ने आंदोलन से नाम वापस ले लिया। इसके बाद वह रेलवे की अपनी नौकरी पर लौट गई हैं। अब सबकी नजरें विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया पर हैं, उनके फैसले से ही साफ होगा कि कितनी जल्दी प्रदर्शन समाप्त होगा या चलता रहेगा?
शनिवार देर रात दिल्ली में अमित शाह के घर पर पहलवान मिलने पहुंचे थे। आधी रात के बाद तक करीब 2 घंटे यह मीटिंग चली थी। पहलवानों ने गृह मंत्री के सामने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की थी। साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान ने कहा कि गृह मंत्री शाह के साथ पहलवानों की बैठक बेनतीजा रही क्योंकि वे जैसा जवाब चाहते थे, वैसा नहीं मिला।
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ साक्षी, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवान कई हफ्ते से प्रदर्शन कर रहे हैं। नाबालिग पहलवान के केस करने के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के दिन पहलवानों के साथ दिल्ली पुलिस की धक्का-मुक्की हुई थी। पहलवानों को हिरासत में भी लिया गया था। कुछ समय बाद ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पहलवानों का सारा सामान हटवा दिया था। बाद में पहलवान अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने के लिए हरिद्वार पहुंचे। किसान नेताओं ने मनाया तो 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
इस बीच गृह मंत्री से मुलाकात के बाद घटनाक्रम बदल गया है। इससे पहले कुरुक्षेत्र महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर 9 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने सोमवार को सरकार पर निशाना साधते हुए अंदेशा जताया कि भाजपा सांसद को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एक ‘कमजोर’ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और फिर उन्हें जमानत मिल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में पहलवानों की पैरवी कर रहे सिब्बल का यह बयान तब आया है जब पता चला कि महिला पहलवानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार देर शाम गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘अमित शाह ने पहलवानों के दल से मुलाकात की। समाधान के लिए कुश्ती। मेरा अंदेशा- कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। कमजोर आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। बृजभूषण शरण सिंह को जमानत मिल जाएगी। फिर वे कहेंगे कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है।’