रूस, मॉस्को में अफ़ग़ानिस्तान के दूतावास में इस्लामिक अमीरात के एक राजनयिक को पहले ही स्वीकार्यता दे चुका है और अब रूस के विदेश मंत्री लावरोफ़ का कहना है कि अगर इस्लामिक अमीरात, अफ़ग़ानिस्तान में एक समावेशी सरकार की स्थापना करता है तो रूस उसे पूर्ण राजनयिक मान्यता देने की ओर क़दम बढ़ाएगा.
रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि मौजूदा सरकार में इस्लामिक अमीरात के सभी सदस्य हैं और मौजूदा कार्यवाहक सरकार अपने मंत्रिमंडल को कैसे समावेशी बनाती है और क्या रुख़ अपनाती है, मॉस्को का अगला क़दम इसी से निर्धारित होगा.
उन्होंने कहा, “हम अफ़ग़ानिस्तान में नए अधिकारियों की पूर्ण राजनयिक मान्यता की दिशा में काम करना चाहते हैं और हम यह भी उम्मीद करते हैं कि सरकार बनने के पहले उन्होंने जो वादे किए थे, वे उसे भी पूरा करेंगे. वे हर स्तर के लोगों को सरकार का हिस्सा बनाएंगे.”
रूस के विदेश मंत्री ने बताया कि रूस राजनयिक माध्यमों से लगातार इस्लामिक अमीरात के संपर्क में बना हुआ है.
लावरोफ़ ने ज़ोर देकर कहा कि ‘हम हमारे दूतावास के माध्यम से तालिबान के नियमित संपर्क में हैं.’
इस बीच देश में में कई राजनेताओं का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में एक समावेशी सरकार बनना ही इस समय वहां के लोगों की सबसे अहम ज़रूरत है.
नेशनल सॉलिडैरिटी मूवमेंट ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान के ईशाक गिलानी का कहना है कि जब तक अफ़ग़ानिस्तान में समावेशी सरकार की स्थापना नहीं होती है, कोई देश ना तो अभी और ना ही आने वाले समय में उसे मान्यता देने के लिए तैयार होगा.
-एजेंसियां
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