​सावन के प्रथम सोमवार पर आगरा के श्री महाकालेश्वर मंदिर में महा-अनुष्ठान: 151 दंपतियों ने किया महारुद्राभिषेक, गूंजी श्रीराम कथा की महिमा

PRESS RELEASE

आगरा। सावन मास के प्रथम सोमवार पर यमुना तट स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर, बूढ़ी का नगला, दयालबाग शिवभक्ति से सराबोर हो उठा। नौ दिवसीय सावन महोत्सव के अंतर्गत सोमवार प्रातः महारुद्राभिषेक के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हर-हर महादेव एवं ओम नमः शिवाय के जयघोष गूंजने लगे। 151 दंपतियों ने श्रद्धापूर्वक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से महारुद्राभिषेक किया। इसके उपरांत विद्वान ब्राह्मणों के सान्निध्य में श्री रुद्र महायज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, जनकल्याण एवं सनातन धर्म की उन्नति की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं।

संध्या में आयोजित श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस चित्रकूट धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य पंडित विमलेश त्रिवेदी महाराज ने श्रीराम कथा के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन के चरित्र निर्माण का दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि जिसका चरित्र उज्ज्वल होता है, उसी का चित्र समाज में पूजनीय बनता है। आज संपूर्ण विश्व भगवान श्रीराम की पूजा करता है, क्योंकि उनका जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्शों का प्रतीक है। रावण अत्यंत विद्वान होने के बावजूद अपने अहंकार और दुर्गुणों के कारण पूजनीय नहीं बन सका।

आचार्य पंडित विमलेश त्रिवेदी ने आगे कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के मन के समस्त विकारों को दूर कर उसे निर्मल बनाता है। भगवान श्रीराम निर्मल मन वाले भक्तों पर ही अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं। उन्होंने कहा कि जब मन पवित्र होता है, तभी जीवन में धर्म, प्रेम, करुणा और सदाचार का संचार होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में श्रीराम कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए।

महाकालेश्वर मंदिर के महन्त आचार्य पं. सुनील वशिष्ठ ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सर्वश्रेष्ठ समय है। इस पावन माह में भगवान भोलेनाथ का पूजन, रुद्राभिषेक एवं महारुद्र यज्ञ करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी भावना से महाकालेश्वर दरबार में विद्वान ब्राह्मणों के सान्निध्य में प्रतिदिन भव्य श्री रुद्र महायज्ञ एवं महारुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। इन अनुष्ठानों का उद्देश्य समस्त जनमानस के सुख, शांति, समृद्धि, विश्व कल्याण तथा सनातन धर्म की जय-जयकार का संकल्प है।

उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से महाकालेश्वर दरबार पहुंचकर भगवान शिव की आराधना एवं श्रीराम कथा का श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विजय अरोरा, कनक अरोरा, आशीष दास, संदीप गोयल, लास्ट नारायण, राजेश कपूर, सरिता तिवारी, श्रीमती बूट्टी बाई तिवारी, दिनेश सिंह, राजेश शर्मा, अरविंद तिवारी आदि उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh