नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (Constitution Club of India) में ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ (Vaiko in Parliament) पुस्तक के विमोचन समारोह के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखे सियासी प्रहार किए हैं। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं उन्हें माफ करता हूं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि वे देश के युवाओं को माफ करने वाले आखिरकार कौन होते हैं?
राहुल गांधी ने आगे कहा कि आज हम अपने देश में एक बहुत ही अजीब और कठिन समय से गुजर रहे हैं। देश के तमाम छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और बहुत गहरे दर्द में हैं। वे सिर्फ अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी निष्पक्षता और एक ऐसी पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो वास्तव में धरातल पर काम करे। लेकिन दूसरी तरफ हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं, जो उन्हें माफ करने की बात कर रहे हैं।
सांसद राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को यह विचार आखिर कहां से और कैसे आ गया कि उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य को माफ करने का कोई कानूनी या नैतिक हक मिल गया है, यह मेरी समझ से परे है, लेकिन वे बार-बार यही सब करना चाहते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच, उनके राजनीतिक सहयोगियों और खास तौर पर आरएसएस की विचारधारा के पीछे एक बहुत ही खतरनाक विचार काम कर रहा है।
वाइको की तारीफ और उनकी निरंतरता का किया जिक्र
इस पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता वाइको की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वह वाइको के ओजस्वी भाषणों और उनकी इस नई किताब के लिए उन्हें दिल से बधाई देना चाहते हैं। राहुल गांधी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब भी मैं किसी राजनेता का आकलन या मूल्यांकन करता हूँ, तो मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण पैमाना उसकी ‘निरंतरता’ (Consistency) होती है। क्या वह व्यक्ति एक दिन कुछ बयान देता है और अगले ही दिन अपने शब्दों से पलट जाता है? लेकिन इसके विपरीत, वाइको अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को लेकर हमेशा एक जैसे और अडिग रहे हैं। हमारी यह राजनीतिक और व्यक्तिगत दोस्ती बहुत लंबे समय से चली आ रही है।
वाइको की उम्र का जिक्र बड़े ही दिलचस्प अंदाज में करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आपने अभी इन्हें एक युवा व्यक्ति कहा, लेकिन यह नहीं बताया कि वह बेहद डैशिंग और हैंडसम भी हैं। हालांकि, असल मायनों में एक युवा व्यक्ति कौन होता है? युवा वह है जो लगातार सवाल पूछता है। आज वाइको की उम्र 82 साल हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वे आज भी व्यवस्था से तीखे सवाल पूछते हैं, जो कि आज के दौर के कुछ अन्य नेताओं के ठीक उलट है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो जारी कर की थी अपील
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर देश की ‘जेन-जी’ (Gen-Z) पीढ़ी को संबोधित किया था। उस वीडियो के दौरान पीएम मोदी ने यह बयान दिया था कि वे देश के बच्चों को माफ करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा था कि ‘फ्रेंड्स, आज तो मेरा मन करता है कि मैं सिर्फ और सिर्फ आप से ही बातें करूं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जो कुछ भी घटित हुआ, उसे देश और दुनिया ने अपनी आंखों से देखा है। कुछ शरारती बच्चों द्वारा बहुत ही भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए कतई शोभा नहीं देतीं। सार्वजनिक रूप से ऐसे आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। मुझे तो गालियां दी ही गईं, लेकिन मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं।’
- स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि है ‘हर घर तिरंगा’ अभियान: आगरा की भव्य रैली में बोले कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी - August 13, 2026
- आगरा में प्रांतीय वैश्य राजनीतिक सम्मेलन की तैयारियां तेज, 16 अगस्त को यूपी के जिलों से जुटेंगे 5000 प्रतिनिधि - August 13, 2026
- ”गाली देते जैन जी नहीं चाहिए, हमें संस्कारवान भारतीय चरित्र चाहिए”: सेठ पदम चंद जैन संस्थान में ‘जेन ज़ी, एआई और नारी सशक्तिकरण’ पर गोष्ठी - August 13, 2026