अंतरिक्ष यात्रियों ने अब तक की सबसे बड़ी आकाशगंगा ढूंढी है जो सूर्य से 240 अरब गुना विशाल है।
अंतरिक्ष यात्रियों ने एक अदभुत खोज करते हुए अब तक की सबसे बड़ी आकाशगंगा का पता लगाया है। एलसिओनस अंतरिक्ष में 3 अरब प्रकाश वर्ष दूर मौजूद एक रेडियो आकाशगंगा है। इसकी संरचना करीब 163 लाख प्रकाश वर्ष लंबी है। इसे गैलेक्टिक (सौरमंडल में मौजूद आकाशगंगा) उत्पत्ति के बाद की सबसे बड़ी खोज कही जा रही है।
एलिसोनियस आकाशगंगा की खोज नासा के वाइड फील्ड इन्फ्रारेड सर्वे एक्सप्लोरर उपग्रह वेधशाला और यूरोप में मौजूद Low फ्रिक्वेंसी ARray (LOFAR) का डेटा इस्तेमाल करके की गई। यह (LOFAR) पूरे यूरोप की 52 जगहों पर वितरित किया गया 20 हजार एंटीना का एक नेटवर्क है। अंतरिक्षयात्रियों ने कहा कि हमें इसके बारे में अभी तक बहुत कम जानकारी थी।
यही वजह है कि यह खोज बहुत काम की और उल्लेखनीय है। इससे विशाल रेडियो आकाशगंगाओं को लेकर हमारी समझ विकसित होगी। साथ ही इसके जरिए हम अंतरिक्ष की विशालता के जरिए तैरते अंतर आकाशगंगाओं के माध्यमों को भी समझ पाएंगे. विशालकाय रेडियो आकाशगंगा ब्रह्मांड की अनसुलझी पहेली है। जो अपनी मेजबान आकाशगंगा और आकाशगंगा कोर से निकले विशाल जेट और लोब से बना हुआ है।
सिंक्रोट्रोन की तरह करता है काम
अंतरआकाशंगगीय माध्यम के साथ यह जेट और लोब किसी सिंक्रोट्रोन (एक तरह की ताकतवर एक्स-रे मशीन जो इलेक्ट्रॉन की गति को बढ़ाने का काम करती है) मशीन की तरह काम करता है।
सूरज से 240 अरब गुना बड़ा
खगोलविदों ने पाया कि यह आकाशगंगा मानक अंडाकार आकाशगंगा है जो सूरज से करीब 240 अरब गुना अधिक विशाल है।
– एजेंसी
- दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान 2026: केंद्रीय हिंदी संस्थान के वरिष्ठ आचार्य प्रो. उमापति दीक्षित सम्मानित - September 11, 2026
- दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान 2026: केंद्रीय हिंदी संस्थान के वरिष्ठ आचार्य प्रो. उमापति दीक्षित सम्मानित - September 11, 2026
- पर्यावरण संरक्षण की पहल: आगरा में ‘एक पेड़ राष्ट्र के नाम’ अभियान के तहत विभिन्न संस्थानों में हुआ पौधारोपण - September 11, 2026