नई दिल्ली। प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत कुमार सहगल ने तीन साल के कार्यकाल के बीच में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सहगल द्वारा मंगलवार को भेजे गए इस्तीफे के नोटिस के आधार पर लिया गया है।
नवनीत कुमार सहगल को 16 मार्च 2024 को प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल तीन साल का निर्धारित था, लेकिन उन्होंने नियुक्ति के लगभग डेढ़ साल बाद ही पद छोड़ दिया।
1988 बैच के यूपी कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी सहगल 2023 में उत्तर प्रदेश में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वे राज्य और केंद्र में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके थे।
35 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
प्रसार भारती की वेबसाइट के अनुसार, सहगल को केंद्र और राज्य—दोनों स्तरों पर अहम विभागों का नेतृत्व करने तथा नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने में 35 साल से अधिक का अनुभव है। अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने यूपी और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
वे UP एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के चेयरमैन और CEO भी रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे का 302 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट रिकॉर्ड 22 महीनों में पूरा हुआ था। सहगल को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माना जाता रहा है। वे यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव के तौर पर भी कार्यरत रहे।
कैसे बने थे प्रसार भारती के चेयरमैन?
सहगल की नियुक्ति तब के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिश पर की गई थी। उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए मंत्रालय ने कहा था कि उन्हें तीन साल की अवधि या 70 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक प्रसार भारती का प्रमुख बनाया गया है।
मंत्रालय का आदेश
बुधवार को जारी आदेश में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने लिखा— “सक्षम प्राधिकारी ने नवनीत कुमार सहगल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके अनुसार, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रसार भारती की सेवाओं से मुक्त किया जाता है।”
सहगल के इस्तीफे का कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
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