कफ सिरप केस में उठा राजनीतिक तूफ़ान: धनंजय सिंह बोले – झूठी ख़बरों पर लगे विराम, सीबीआई जांच हो

REGIONAL

लखनऊ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोडीन कफ सिरप पीने से बच्चों की हुई मौत के बाद मामला उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। यूपी एसटीएफ ने इस अंतरराज्यीय अवैध कफ सिरप सप्लाई चेन के बड़े खिलाड़ी माने जा रहे अमित सिंह टाटा को हिरासत में लिया है। अमित सिंह टाटा सिंडिकेट के किंगपिन बताए जा रहे शुभम जायसवाल का साझेदार है।

गिरफ्तारी के बाद अमित के पूर्वांचल के बाहुबली नेताओं से संबंधों को लेकर कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह पूर्व सांसद धनंजय सिंह और भाजपा विधायक सुशील सिंह के साथ नजर आ रहा है। इसी बीच धनंजय सिंह के एक्स पोस्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने अपने खिलाफ फैलाई जा रही खबरों को भ्रामक बताते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की है।

धनंजय सिंह का पहला रिएक्शन: सीबीआई जांच की मांग

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर धनंजय सिंह ने लिखा कि कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर उनके राजनीतिक विरोधी पत्रकारों को गुमराह कर झूठी खबरें फैलवा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामला वाराणसी से जुड़ा होने के चलते कांग्रेस और अन्य दलों के नेता प्रधानमंत्री की छवि धूमिल करने के लिए उनकी आड़ ले रहे हैं।

धनंजय ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले की कई एजेंसियों के माध्यम से गहन जांच करवा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। चूंकि पूरा मामला अंतर्राज्यीय है, ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके और फैल रही झूठी खबरों पर रोक लगाई जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, ताकि भ्रामक खबर चलवाने वालों और राज्य सरकार की छवि खराब करने वालों का चेहरा उजागर हो सके।

अमित सिंह टाटा और धनंजय सिंह के कनेक्शन पर सवाल

18 नवंबर को सोनभद्र में चिप्स की बोरियों के नीचे भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप मिलने के बाद इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ। जांच में जानकारी मिली कि इसकी सप्लाई चेन शुभम जायसवाल से जुड़ी है, जो फिलहाल फरार है। शुभम की तलाश करते हुए एसटीएफ जौनपुर पहुंची और उसके करीबी अमित सिंह टाटा को पकड़ लिया।

अमित की गिरफ्तारी के बाद उसकी धनंजय सिंह और विधायक सुशील सिंह के साथ कई तस्वीरें और वीडियो वायरल होने लगे। एक वीडियो में धनंजय सिंह अमित को “छोटा भाई” कहते भी नजर आए। इसके बाद चर्चा तब और तेज हुई जब पता चला कि अमित की फॉर्च्यूनर गाड़ी का नंबर 9797 है, जिसे आमतौर पर धनंजय सिंह के काफिले की पहचान माना जाता है। हालांकि यह गाड़ी अमित की पत्नी साक्षी सिंह के नाम पर दर्ज है।

पूछताछ में अमित ने क्या कबूला

सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ की पूछताछ में अमित सिंह टाटा ने स्वीकार किया कि उसने 5 लाख रुपये लगाकर 30 लाख रुपये का मुनाफा कमाने के लालच में शुभम जायसवाल से दोस्ती की। उसके पिता के नाम पर झारखंड में एक फैक्ट्री/फर्म है, जिसके आधार पर यह पूरा अवैध कारोबार चल रहा था। जांच में करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन के प्रमाण मिले हैं।

यह भी सामने आया है कि शुभम ने अमित को पटाया और दुबई की यात्राएं भी कराईं। आरोप है कि कोडीन युक्त यह कफ सिरप बांग्लादेश तक सप्लाई किया जा रहा था।

कुल मिलाकर, कोडीन कफ सिरप कांड में नए खुलासों के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज है, और अब मामला सीबीआई जांच की मांग तक पहुंच चुका है।

साभार – मीडिया रिपोर्ट्स

Dr. Bhanu Pratap Singh