जानेमाने समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि वो एक बहुआयामी व्यक्तित्व के शख़्स थे जिन्होंने सामाजिक बराबरी, महिला सशक्तीकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अथक मेहनत की थी.
पीएम मोदी ने कहा कि ज्योतिराव फुले का सम्मान बड़े समाज सुधारक की तरह किया जाता है. वे अनगिनत लोगों के लिए उम्मीद की किरण थे.
उन्होंने कहा, “आज महात्मा फुले की जंयती है और कुछ दिनों में 14 अप्रैल को हम आंबेडकर जयंती मनाएंगे. पिछले महीने के मन की बात कार्यक्रम के दौरान हमने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी. भारत महात्मा फुले और डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडर के महान योगदान के लिए उनका ऋणी रहेगा.”
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी देश भर में ज्योतिराव फुले की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है. साथ ही गुरुवार को आंबेडर जयंती के मौके पर भी बड़े पैमाने पर कई कार्यक्रमों की योजना है.
साल 1827 में महाराष्ट्र में जन्मे ज्योतिराव फुले ने सामाजिक भेदभाव के ख़िलाफ़ और शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए आंदोलन किया था. ज्योतिराव फुले की पत्नी सावित्री बाई फुले ने भी समाज के वंचित तबकों के लिए उनके साथ मिल कर काम किया था.
-एजेंसियां
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