टीबी मुक्त आगरा का संकल्प: 47 ग्राम प्रधानों को मिला ‘गांधी सम्मान’, यूपी में आगरा ने गाड़े सफलता के झंडे

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आगरा: विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अरविन्द मल्लपा बंगारी के निर्देशन में जनपद आगरा की वर्ष 2025 में घोषित कुल 47 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का सम्मान समारोह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आगरा मण्डल, आगरा तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

सम्मान समारोह में सात ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को गोल्ड कलर की महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। इसी क्रम में 11 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सिल्वर कलर तथा तथा 29 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को कांस्य कलर की महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।

कार्यक्रम में सीएमओ ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में ग्राम प्रधानों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपने क्षेत्र में टीबी के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद कर सकते हैं और लोगों को इसके लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान टीबी मरीजों की देखभाल और समर्थन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सीएमओ ने कहा कि ग्राम प्रधान के सम्मान से अन्य जनप्रतिनिधि भी टीबी मुक्त भारत अभियान में भागीदार बनेंगे। सम्मानित प्रधान दूसरे गांव के प्रधान से जब अपने अनुभव साझा करेंगे तो इसका लाभ पूरे राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को मिलेगा।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि टीबी के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया। यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी आ रही है या बुखार की समस्या है, बलगम में खून आता है, भूख कम लगती है और वजन तेजी से कम हो रहा है, रात में पसीना आता है, गले में कोई गांठ (लिम्फोनोड) है, महिलाओं में बांझपन की समस्या है, तो यह सभी लक्षण टीबी के हो सकते हैं। लक्षण होने पर नजदीकी टीबी यूनिट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए। जनपद में टीबी की जांच व उपचार की सुविधा निःशुल्क है।

इसके अतिरिक्त जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा निःक्षय पोषण योजना पर प्रकाश डालते हुये कहा कि टीबी मरीजों को उपचार के दौरान प्रत्येक माह धनराशि रू0 1,000/- डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में दिये जाने का प्रावधान है। जिससे मरीज का पोषण स्तर ठीक रहे और वह जल्दी स्वस्थ हो जाये। इसी क्रम में निःक्षय मित्र द्वारा पोषण पोटली वितरण और टीबी मरीजों को भावनात्मक सहयोग देने पर भी चर्चा की गई।

जनपद ने टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। टीबी नोटिफिकेशन के मामले में भी आगरा पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, जोकि एक बड़ी सफलता है। वर्ष 2025 में जनपद आगरा द्वारा 30518 टीबी मरीज नोटिफाईड किये गये। टीबी की रोकथाम एवं इलाज में आगरा प्रदेश में सबसे आगे हैं। यहाँ इलाज के बाद 96 फीसदी से अधिक मरीज पूर्ण स्वस्थ हो रहे हैं। टीबी मुक्त अभियान में ग्राम प्रधानों की भूमिका अहम है। मुझे आशा है कि सभी ग्राम प्रधान टीबी विभाग, आगरा का सहयोग करके अपनी-अपनी ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त बनायेंगे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सन्तोष कुमार, विभागाध्यक्ष क्षय एवं वक्ष रोग विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज, डॉ. जीबी सिंह, एस.टी.एफ. चेयरमैन उ.प्र., डॉ. एस. के. राहुल उप जिला क्षय रोग अधिकारी, डॉ. सुशील कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. अंशुल पारीख, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. आशीष चौहान आयुष्मान, डॉ. मानस शर्मा विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार, एनटीईपी, जिला क्षय रोग कार्यालय, आगरा का समस्त स्टाफ एवं दिशा यूनिट आगरा की टीम सहित गैर सरकारी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे ।

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के तहत सीडीओ ने किया चार ग्राम प्रधानों को सम्मानित

विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने टीबी मुक्त होने पर 4 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आगरा मण्डल, आगरा तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता मौजूद रहे।

वर्ष 2025 में घोषित टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के नाम

ब्लाक का नाम और ग्राम पंचायत का नाम अछनेरा कांस्य कलर-नागर, अरसेना। अकोला कांस्य कलर-सगुनपुर रजत कलर-इकराम नगर। बाह कांस्य कलर-गुंगावली, पडकोली रजत कलर-रामपुर चन्द्रसेनी, रैपुरा भदौरिया। बरौली अहीर कांस्य कलर-बहैठा, गंगरौआ रजत कलर-लोधई। एत्मादपुर कांस्य कलर-सुजानपुर गोल्ड कलर-बिरूनी। फतेहपुर सीकरी कांस्य कलर-सुरौठी, बदनपुर वरनामई।

जगनेर रजत कलर-चांचैद। जैतपुर कलां रजत कलर-बढ़ागांव गोल्ड कलर-नाहटौली। खंदौलीरजत कलर-खेरिया, ऊंचा। खेरागढ रजत कलर-बसई खेरागढ़।

इन गांवों को मिला अवॉर्ड

पिनाहाट कांस्य कलर-अर्जुनपुरा, बरैडा, बसई अरेला, भरी नगला, कांकरखेड़ा, मनौना, उदयपुर खालसा रजत कलर-हुसैन पुरा, शाहपुरा खालसा गोल्ड कलर-बसई भदौरिया, बघरैना। सैंया कांस्य कलर-शेरपुर, डारकी, शाहपुर नदीम, सियारमऊ, बिधावली गोल्ड कलर-थपैनरा, मोहनपुर, मंगलपुर बैंहठा। शमसाबाद कांस्य कलर-नगला धीर, रोहई खास, सेवला गोरबा, थाप खड़ग, टेहरी, टोंडरा, थाप महदावरी।

Dr. Bhanu Pratap Singh